इंदौर। दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा एक मार्च से शुरू हुई है। बीस दिनों के भीतर दोनों कक्षाओं की परीक्षा के कई पेपर इंटरनेट मीडिया पर लीक होना सामने आया है। महज 100-200 रुपये में विद्यार्थियों को पेपर उपलब्ध किए गए। इसके चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा से जुड़ी गोपनीयता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सोमवार को कांग्रेसियों ने मंडल की आंचलिक अधिकारी प्रीति जैन को शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नाम इस आशय का ज्ञापन सौंपा। हालांकि, पेपर लीक से जुड़े एक प्रकरण में मंडल ने जांच समिति बनाई है।
निष्पक्ष जांच करने की मांग की
सोमवार को कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी और अनूप शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधि चिमनबाग स्थित क्षेत्रीय मंडल कार्यालय पहुंचा। यहां वे आंचलिक अधिकारी प्रीति जैन से मिले। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वार्षिक बोर्ड परीक्षा में विभिन्न विषयों के पेपर लीक हुए हैं। मगर अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। आउट हुए पेपर को निरस्त नहीं किया गया है। इससे विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। पेपर आउट होने के पीछे शिक्षा माफिया का हाथ है। इसे लेकर निष्पक्ष जांच करने की जरूरत है।
