पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ओर से प्रस्तुत याचिका पर आज होगी सुनवाई:याचिकाकर्ता का कहना है एक कृत्य के लिए एक से ज्यादा एफआइआर नहीं हो सकती।

By Abhishek Raghuvanshi
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  • संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणी की थी।

संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणी कर फंसे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह की ओर से मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होना है। याचिका में कहा है कि एक ही कृत्य के लिए एक से ज्यादा एफआइआर दर्ज नहीं हो सकती।

दिग्विजयसिंह के खिलाफ इस मामले में दर्ज सभी एफआइआर में शिकायतकर्ता एक ही संगठन से जुड़े हैं। एफआइआर में धाराएं भी समान हैं। सिंह की मांग है कि इंदौर के तुकोगंज पुलिस थाने में दर्ज एफआइआर को छोड़कर शेष एफआइआर निरस्त की जाए।

सबसे पहले दर्ज याचिका को छोड़कर अन्य को निरस्त करने की है मांग
गौरतलब है कि दिग्विजयसिंह के खिलाफ इंटरनेट पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में इंदौर के तुकोगंज पुलिस थाने में 8 जुलाई को एफआइआर दर्ज हुई थी। इसके बाद इसी पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ देवास, उज्जैन, गुना और राजगढ़ में भी एफआइआर दर्ज हुई। इस पर सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर तुकोगंज थाने में दर्ज एफआइआर को छोड़कर शेष

एफआइआर निरस्त करने की मांग की गई है।
तर्क दिया गया है कि यह स्थापित बात है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एक ही कृत्य को लेकर अलग-अलग प्रकरण दर्ज नहीं किया जा सकता। एडवोकेट विभोर खंडेलवाल ने बताया कि सिंह की याचिका गुरुवार को सुनवाई के लिए जारी सूची में शामिल है। दोपहर बाद तक इसमें सुनवाई हो सकती है।

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तुकोगंज थाने में दर्ज एफआइआर में बचाव प्रस्तुत करेंगे
खंडेलवाल ने कहा कि तुकोगंज पुलिस थाने में इस मामले में सबसे पहले एफआइआर दर्ज हुई थी। हम उसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं बल्कि हम उस मामले में न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।

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