एक समय था जब इंदौर में राजवाड़ा , छप्पन दुकान, सराफा रेलवे स्टेशन जिसे क्षेत्रों में पारंपरिक नाइट कल्चर देखने को मिलता था ,वर्तमान में जिस नाइट कल्चर को सरकार ने अनुमति दी है वह अब सिर्फ नशे के कारोबार और अश्लीलता बनकर रह गया है ,,यह बात सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने प्रेस से चर्चा के दौरान कही,,
द्विवेदी ने बताया कि नाइट कल्चर पर राजनेता, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी सभी एक स्वर में विरोध कर रहे हैं तो फिर सरकार इस संस्कृति को बंद क्यों नहीं कर रही है,,, दरअसल एक तरफ जनप्रतिनिधि नाइट कल्चर का विरोध कर सिर्फ बयान बाजी कर रहे हैं वहीं सरकार इसे रोजगार का जरिया बता रही है ,,जो दो मुही बात है,,
