ट्रेन से गिरने पर उमरीखेड़ा निवासी युवक की जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तिरुपति बालाजी से लौटते वक्त किसान चलती ट्रेन से गिर गया। चार दिन उपचार के बाद मौत हो गई। इस मामले में दोस्तों ने ट्रेन में बैठे कुछ युवकों पर आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उमरीखेड़ा(तेजाजीनगर) निवासी धर्मेंद्र पुत्र रेवाचंद के शव का बुधवार को एमवाय अस्पताल में पीएम करवाया गया।चाचा गुलशन ने पुलिस को बताया कि धर्मेंद्र 30 मई को साथी अमित हरीसिंह बाघेला, संदीप रामलाल पटेल,मुन्नालाल विश्राम डाबर के साथ तिरुपति बालाजी के दर्शन करने गया था।
उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र लौटते वक्त बैतूल के समीप चलती ट्रेन से गिर गया। डिब्बे में बैठे यात्रियों द्वारा बताने पर साथियों ने ट्रेन रोकी। धर्मेंद्र को गंभीर अवस्था में नागपुर में भर्ती करवाया गया, लेकिन उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।
मंगलवार को इंदौर लेकर आते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। गुलशन के मुताबिक घटना के वक्त धर्मेंद्र और उसके दोस्त आगे-पीछे हो गए थे। यात्रियों द्वारा बताने पर चेन खींची, लेकिन काफी देर तक ट्रेन नहीं रुकी।
दूसरे डिब्बे से चेन खींचने पर पुलिस और रेल स्टाफ आया। दोस्तों ने कहा कि डिब्बे में बैठे कुछ युवकों से धर्मेंद्र की कहासुनी हुई थी। पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को थाने ले गए। काफी देर तक बयान और नाम-पते लिखे। धर्मेंद्र से मिलने भी नहीं दिया। संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक धर्मेंद्र के शव का पीएम करवा कर डायरी भेज दी गई है।
