घटना स्थल पर ग्लेज कंपनी का एक परिचय पत्र मिला था, जिसने खोला ता दुष्कर्म और हत्या का राज।
घर में घुसकर युवती से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या और शव जलाने वाले आरोपित को दोषी मानते हुए स्पेशल कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना मई 2017 में इंदौर की पंचम की फैल में हुई थी। मामले में बड़वानी जिले के गांव खड़कल के रहने वाले गोलू झिल्ले को दोषी मानते हुए अंतिम सांस तक सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
इंदौर के तुकोगंज थाने को सूचना मिली थी कि पंचम की फैल में एक युवती ने जलकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर जब पुलिस टीम पहुंची तो हत्या का संदेह पैदा हुआ। दरअसल, युवती का अधजला शव गद्दे पर पड़ा हुआ था। कमरे में खून बिखरा था। साथ ही पास में चाकू का टूटा मूठ भी मिला था। पुलिस ने जांच की तो घटना स्थल से ग्लेज कंपनी का एक परिचय पत्र मिला जो आरोपित गोलू झिल्ले का था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या की गई। बाद में शव को जलाने की कोशिश हुई।
विभिन्न धाराओं में सुनाई सजा
जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव के अनुसार, विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए आरोपित 27 वर्षीय गोलू झिल्ले निवासी ग्राम खड़कल जिला बड़वानी को धारा 376 (2) (एम) भादंवि में अंतिम सांस तक आजीवन कारावास के साथ धारा 302 भादंवि में आजीवन कारावास व धारा 201 भादवि मे सात वर्ष का सश्रम कारावास तथा कुल 25000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
आठ गवाहों के हुए बयान
प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक आरती भदौरिया ने की। प्रकरण में आठ अभियोजन साक्षियों को पुनः साक्ष्य के लिए बुलाया गया था। गवाहों ने बताया था कि आरोपित को घटना के पहले व बाद में उन्होंने घर से निकलते हुए देखा था।
