दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा, सुनी समस्याएं…

By Abhishek Raghuvanshi
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  • किसी को वाहन तो किसी को मकान – 31 स्कूटी वाहन किए स्वीकृत।

इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई। इसमें कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के निर्देश पर कलेक्टर कार्यालय में दिव्यांगजनों की समस्याओं को सुनने के लिये विशेष व्यवस्था की गई। दिव्यांगजनों को तल मंजिल पर कुर्सी पर ससम्मान बैठाया गया। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी स्वयं उनके बीच पहुंचे। प्रत्येक दिव्यांगजन से वे मिले। सभी की समस्याओं को उन्होंने गंभीरता और संवेदनाओं के साथ सुना। समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। दिव्यांजनों व अन्य जरूतरमंदों को शिक्षण-प्रशिक्षण, रोजगार, आवास के लिये ढेरो सौगातें दी। किसी को वाहन, किसी को मकान तो किसी को लेपटॉप दिया गया। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा ने जनसहयोग से रेडक्रॉस के माध्यम से 31 स्कूटी दिव्यांगजनों के लिये स्वीकृत की। जिले में अभी तक लगभग 225 दिव्यांगजनों को स्कूटी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
कलेक्टर कार्यालय में पहुंचे जरूरत मंदो को रेट्रोफिटिंग स्कूटी वाहन स्वीकृत किये गये। इसी तरह दूर्गेश गोडियाले, ज्ञानेश्वर और रवि यादव को बेट्रीयुक्त ट्रायसिकल मंजूर की गई। जनसुवाई में पहुंची रेखा सुर्यवंशी को उसके बच्चे इलाज के लिये रेडक्रॉस से दस हजार रूपये मंजूर किये।
जनसुवाई में खजराना में रहने वाली दृष्टिबाधित महिला शकीना बी भी पहुंची। उसने बताया कि मैं और पति दोनों दिव्यांग है। हम किराये के मकान में रहते है। अगर हमें आवास मिल जाये तो परिवार को बड़ी मदद होगी। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्राम कनाडिया में बने लाइट हाउस प्रोजेक्ट में आवास स्वीकृत किया। इस आवास के ऋण की औपचारिकताएं पूरी करने के लिये रेडक्रॉस से एक लाख रूपये भी मंजूर किये गये।
इसी तरह जनसुनवाई में एक होनहार बालिका सोनू परमार को जनसहयोग से लेपटॉप दिया गया। इस बालिका ने बताया कि मेरी एडमिशन महाराजा रंजीत सिंह कॉलेज में एमसीए में हुई है। ऐसे में मुझे लेपटॉप या कम्प्युटर की बेहद जरूरत थी।

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