केंद्रीय भैरवगढ़ जेल गबन कांड:भैरवगढ़ जेल में अंडरवियर में तंबाकू की 10 पुड़िया छिपाकर ले जा रहा जेल प्रहरी सस्पेंड

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

केंद्रीय भैरवगढ़ जेल गबन कांड और सिपाहियों द्वारा मादक पदार्थ अंदर ले जाने के चलते पूर्व में काफी महीनों तक सुर्खियों में रही। अब यहां नए अधीक्षक मनोज साहू ने तंबाकू सप्लाय करते एक प्रहरी को पकड़ा है जो अंडरवियर में तंबाकू की 10 पुड़िया छिपाकर ले जा रहा था। प्रहरी को जेल अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया है।

वहीं जेल के दो अन्य प्रहरी के पास भी एक तंबाकू का पाउच पाया गया जो दोनों दूसरे को देने के दौरान फेंक दिया था। उक्त दोनों सिपाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जेल अधीक्षक ने ही ये बात कही कि 700 रुपए में तंबाकू की पुड़िया बेचने की बात सुनने में आई है जिसके बारे में जांच कर पता लगवा रहे है।

जेल अधीक्षक साहू ने बताया कि रूटीन चेकिंग के दौरान दस जुलाई की ये घटना है। सुबह छह बजे करीब सिपाही सूर्यभान अंडरवियर में तंबाकू के पाउच छिपाकर ले जा रहा था। चड्डी में बहुत तरीके से वह छिपाकर ले जा रहा था, जिसे जेलर ने देखा व पाउच जब्त करते हुए तत्काल उसे सस्पेंड कर दिया गया। 700 रुपए में एक पुड़िया बेचने की बात सामने आई है, इसमें कितनी सच्चाई ये नहीं कह सकता लेकिन मेरे आने के बाद जेल में पूर्णत: सख्ती है।

जेल अधीक्षक ने ये भी बताया कि 9 तारीख की रात दस बजे प्रहरी गिरिराज के पास टोपी में पाउच थे। उसने चेकिंग के चलते टोपी साथी सिपाही दीपक करण को दे दी। दीपक करण ने तंबाकू बाहर फेंक दिया, जिसे जेलर ने फैला पड़ा पाया। नियम 16 के तहत दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की व दोनों की ड्यूटी बदलते हुए बाहर लगा दी है।

- Advertisement -

जेल में कई सिपाही सालों से जमे केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में पूर्व अधीक्षक ने सिपाहियों को मादक पदार्थ ले जाते तक पकड़ा व उनके खिलाफ भैरवगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब तंबाकू ले जाते सिपाही पकड़े गए है। भैरवगढ़ जेल में कई सिपाही सालों से जमे हुए है और इन्हें सारे हथकंडे पता है। पूर्व में मौजे में भरकर भी बाहर से तंबाकू जेल के अंदर फिंकवाई जाती रही है।

केंद्रीय भैरवगढ़ में कई कांड सामने आ चुके है, ऐसे में जिस तरह नए अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई उसी तरह सिपाहियों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल की जरूरत है। वहीं जेल में अगर 700 रुपए तक में तंबाकू की डिमांड है तो बड़ा सवाल ये भी है कि बंदियों के पास इसे खरीदने के लिए पैसा कहां से आ रहा है।

Exit mobile version