डाटा एंट्री-वर्क फ्राम होम की आड़ में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह को लेकर अपराध शाखा और भंवरकुआं पुलिस आमने-सामने हैं। अपराध शाखा की कस्टडी में बैठे मुलजिम ने जबसे थाने के एसआइ का नाम कुबूला है, पुलिसकर्मी लामबंद हो गए हैं। 60 फीट रोड निवासी मृदुल नवलखा क्षेत्र में फर्जी काल सेंटर चलाते हुए पकड़ा गया था। भंवरकुआं पुलिस ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर मृदुल से लाखों रुपये ले लिए। डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल ने मृदुल को पकड़ा, तो उसने तोते की तरह थाने वालों के किस्से बता दिए। जालसाजों से साठगांठ की खबर सुनते ही डीसीपी ने एसीपी सौम्या अग्रवाल को जांच सौंप दी। अपराध शाखा के सक्रिय होते ही जोन-4 के पुलिसकर्मियों ने खबर चलाई कि पुलिसवालों को दबाने की तरकीब है। शराब कांड में आरोपितों को न छोड़ने पर अपराध शाखा थाने वालों की साख पर बट्टा लगा रही है।
