गंधवानी से कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार के खिलाफ उनकी ही पत्नी ने दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य का केस दर्ज करवाया था।
कोर्ट ने माना- सिंघार और शिकायतकर्ता महिला के बीच पति-पत्नी के रिश्ते हैं। एक पत्नी दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज नहीं करवा सकती।
शिकायतकर्ता का आरोप था- सिंघार ने नवंबर 2021 से 18 नवंबर 2022 के बीच दुष्कर्म, मारपीट कर अभद्र व्यवहार भी किया।
नौगांव पुलिस ने आरोपों के आधार पर उमंग सिंघार के खिलाफ आइपीसी की धारा 376, 377 और 498 के तहत दर्ज किया था केस।
पूर्व मंत्री और गंधवानी से कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई दुष्कर्म की रिपोर्ट को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि सिंघार और शिकायतकर्ता महिला के बीच पति-पत्नी के रिश्ते हैं। एक पत्नी पति के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज नहीं करवा सकती।
गौरतलब है कि सिंघार के खिलाफ उनकी पत्नी ने दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोप था कि पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे विधायक निवास में उमंग सिंघार ने नवंबर 2021 से लेकर 18 नवंबर 2022 के बीच दुष्कर्म किया और मारपीट कर अभद्र व्यवहार भी किया। महिला ने विधायक पर अप्राकृतिक कृत्य किए जाने का भी आरोप लगाया था।
शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया था दुष्कर्म का केस
नौगांव पुलिस ने इन सभी आरोपों के आधार पर उमंग सिंघार के खिलाफ आइपीसी की धारा 376, 377 और 498 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। सिंघार ने पुलिस द्वारा दर्ज एफआइआर को एडवोकेट विभोर खंडेलवाल के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। गुरुवार को हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए एफआइआर निरस्त कर दी।
