करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के दो आरोपित छह साल बाद गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
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आरोपित चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों से रुपये लेकर फरार हुए थे। इंदौर क्राइम ब्रांच ने चोइथराम मंडी से गिरफ्तार किया।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो छह साल से फरार थे। आरोपितों पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज है। आरोपित चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों से रुपये लेकर फरार हुए थे। पलासिया थाना पुलिस छह साल से इनकी तलाश कर रही थी। फरारी के दौरान दोनों सब्जी और लहसून का व्यापार कर रहे थे।

डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के मुताबिक, वर्ष 2017 में पुलिस ने चिटफंड कंपनी के मुखिया संजय पुत्र माखनलाल वर्मा निवासी देवास सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण पंजीबद्ध किया था। आरोपितों ने मनोरमागंज में मालवांचल इंडिया और साकेत चौराहा पर यूएसके इंडिया लिमिटेड के नाम से आफिस खोला था।

लोगों से रुपये लेकर भाग गए थे
आरोपिकों ने बचत योजना निकाली और दावा किया कि पांच साल में निवेश की राशि को दोगुना कर सकते हैं।आरोपितों ने करोड़ों रुपयों की पालिसी बेची और समय आने पर आफिस बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने वर्मा को तो केस दर्ज होने के दो साल बाद पकड़ लिया, लेकिन शेष आरोपित फरार हो गए। सोमवार को क्राइम ब्रांच ने सहयोग में शामिल आरोपित गोपाल पटेल और पप्पू पटेल को चोइथराम सब्जी मंडी से गिरफ्तार कर लिया।

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