एसीपी-टीआइ की सजा भुगत रहे अफसर

By Abhishek Raghuvanshi
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एबीसीडी मल्टी में हुए पर्चाकांड के बाद स्पष्ट हो गया कि एसीपी और थाना प्रभारियों की लापरवाही अफसरों पर भारी पड़ रही है। उनकी निष्क्रियता और संवादहीनता के कारण छोटे-छोटे मसले विवाद का रूप ले लेते हैं। पहला घटनाक्रम पलासिया थाना का है। हिंदू संगठन के साथ हुआ विवाद टीआइ-एसीपी स्तर पर संभल सकता था। संवाद के ढंग ने मामला बिगाड़ दिया और सरकार को कूदना पड़ा। ट्रेजर टाउन में बनी ईडब्ल्यूएस मल्टी के रहवासियों ने पलायन के पर्चे चिपकाए तो अफसरों को कूदना पड़ा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा को बैठक लेनी पड़ी। तमाम छानबीन के बात जो बात सामने आई वो चौकाने वाली थी। पलायन पर मजबूर हुए रहवासियों से थाना प्रभारी सतीश पटेल का तालमेल नहीं था। जोन-1 के डीसीपी आदित्य मिश्रा के बताने पर भी टीआइ ने रहवासियों से मिलना उचित नहीं समझा। न उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया।

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