- उद्योगपति ने घर में काम करने वाले नौकर की सिफारिश पर आरोपित को दी थी नौकरी, थाने पर भी नहीं दी थी नौकर रखने की जानकारी।
- उद्योगपति ने चार दिन पहले ही आरोपित नौकर को काम पर रखा था। पुलिस को भी जानकारी नहीं दी थी।
- आरोपित सोना लेकर जंगलों में छुपा था। इंदौर पुलिस ने उदयपुर पुलिस की सहायता से पकड़ लिया।
- आरोपित नौकर पर पहले से कई केस दर्ज थे। इंदौर पुलिस ने उसे पहले भी चोरी के मामले में पकड़ा था।
इंदौर। पुलिस ने उद्योगपति संतोष बाघले के बंगले से आभूषण और रुपये चुराने वाले नौकर और दो साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से 35 लाख के आभूषण और चार लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। आरोपित सोना लेकर जंगलों में छुपा था। एमजी रोड़ थाना पुलिस ने उदयपुर पुलिस की सहायता से आरोपित को पकड़ लिया।
टीआइ विजयसिंह सिसौदिया के मुताबिक, घटना 2 नवंबर की है। उद्योगपति बाघले ने आरोपित नरेश कीर निवासी चांदसा कुराबड़ उदयपुर को वारदात के चार दिन पूर्व ही काम पर रखा था। उसने बंगले की रैकी की और भाई ईश्वर व दोस्त भरत पटेल की मदद से हीरे का हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां और चार लाख रुपये नकद चुरा लिए।
जंगलों में छुपा रहा आरोपित
टीआइ के मुताबिक, नरेश वर्ष 2019 में भी चोरी के आरोप में एमआइजी थाना में गिरफ्तार हुआ था। इस बार चोरी कर वह चांदसा भाग गया था। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर नरेश को पकड़ा, लेकिन आभूषण व रुपये भरत लेकर भाग गया। भरत की मोबाइल की दुकान है। उसने मोबाइल बंद कर लिया था। वह चांदसा और कुरावद के जंगलों में छुपा रहा। उदयपुर पुलिस की मदद ली और उसे पकड़ लिया।
पहले से था आपराधिक रिकार्ड,
थाने पर नहीं दी थी नौकर की सूचना
गिरफ्तारी के बाद भरत ने कहा कि सोना नरेश के भाई ईश्वर के पास है। शुक्रवार को ईश्वर हत्थे चढ़ा और सोना व रुपये बरामद किए। बाघले की सांवेर रोड़ पर फैक्ट्री है। उन्होंने घर में काम करने वाले नौकर की सिफारिश पर नरेश को नौकरी पर रखा था। नरेश का आपराधिक रिकार्ड है। उसकी थाने में सूचना नहीं दी थी।
