सांप के काटने से हुई मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को पैसे के लेनदेन के चलते शव देने से इनकार किया तो दलित समाज के लोगों ने विजयनगर क्षेत्र के मेडिपल्स हॉस्पिटल के सामने प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने बताया कि देवकरण बागड़ी नामक मरीज को 7 दिन पहले विजयनगर क्षेत्र के मेडिपल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था परिजनों के अनुसार उन्हें सांप ने काटा था, करीब 7 दिन के इलाज के दौरान मरीज के परिजनों ने लगभग डेढ़ लाख रुपये अस्पताल में जमा कर दिए थे वही बीते दिन देवकरण की मौत होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के शव को 80 हजार जमा करने के बाद परिजनों को सौंपने की बात कही। मनोज परमार ने बताया कि मृतक के परिजन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है उन्होंने घर की रकम बेचकर पैसा लाकर अस्पताल में जमा कर दिया था अब वह पैसे जमा करने में समर्थ नहीं है। परमार ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन के लोग मृतक के परिजनों से अभद्रता कर रहे थे, इसके बाद दलित समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया तो अस्पताल प्रबंधन शव देने को राजी हो गया है। वही इस मामले में अस्पताल ऑपरेशन हेड चंद्रकांत पाटिल पर भी कई आरोप लगे है, जहा पाटिल ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा और कहा की प्रदर्शन के बाद 80 हजार का बिल लिए बिना शव छोड़ दिया गया है। आपको बताना चाहेंगे की शहर के कई अस्पतालों में मरीजों के परिजनों से इलाज के नाम पर मनमानी राशि अवैध रूप से वसूली जा रही है, जहा इस अस्पतालों पर प्रशासन द्वारा ठोस कार्यवाही करने की आवश्यकता है।
