इंदौर महापौर ने कहा- शहर में बढ़ते अपराधों के लिए नाइट कल्चर जिम्मेदार, इस पर पुनर्विचार जरूरी

By Abhishek Raghuvanshi
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महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शासन के निर्णय पर उठाए सवाल, कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, कहा- नाइट कल्चर सांस्कृतिक शहर इंदौर की प्रतिष्ठा धूमिल कर रहा है।
इंदौर में कारोबार को गति देने के लिए रात्रिकालीन बाजार खोलने का शासन ने लिया था निर्णय।इंदौर में लगातार बढ़ रहे अपराध लोगों को बेचैन कर रहे हैं, नाइट कल्चर पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल।महापौर ने कहा- नाइट कल्चर को लेकर प्रबुद्धजन, जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन की बैठक हो।
आइटी कंपनियों के मुफीद कास्मोपोलिट माहौल तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार ने इंदौर में नाइट कल्चर को हरी झंडी दी थी। रातभर बाजार खुले रखने के शासन के निर्णय पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सवाल उठा दिए हैं। बढ़ती आपराधिक घटनाओं के लिए उन्होंने नाइट कल्चर को जिम्मेदार ठहराया है। महापौर ने कलेक्टर और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि नाइट कल्चर सांस्कृतिक शहर इंदौर की प्रतिष्ठा धूमिल कर रहा है।
इंदौर में कारोबार को गति देने के लिए रात्रिकालीन बाजार खोलने का निर्णय लिया गया था। इसी के साथ पुलिस कमिश्नर प्रणाली भी इंदौर में लागू की गई। हालांकि, इसके बाद से शहर में लगातार बढ़ते अपराध भी लोगों को बेचैन कर रहे हैं। शहर से उठ रही इसी तरह की आवाज में महापौर ने सुर मिला दिए हैं। सत्ताधारी दल से ही जुड़े महापौर का नाइट कल्चर का विरोध करने से राजनीतिक भी गर्माने के आसार है।
शहरहित में नाइट कल्चर पर पुनर्विचार की जरूरत
महापौर भार्गव ने कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा है कि नाइट कल्चर ने सांस्कृतिक अतिक्रमण और अपराध के साथ अपसंस्कृति को बढ़ावा दिया है। रात्रिकालीन बाजारों के कारण आए दिन अपराध, दुर्घटना और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही है। ऐसी जानकारी लगातार हम जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में भी आ रही है। ऐसे में शहरहित में रात्रिकालीन बाजारों की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। महापौर ने सुझाव दिया है कि लोकतांत्रिक तरीके से शहर के जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक बुलाकर इस व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जाना चाहिए।

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