इंदौर फिर शर्मसार… बच्चों को मीजल्स-रुबेला का टीका लगवाने की सलाह दे रही एएनएम से मारपीट

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के यादव नगर के आंगनवाड़ी केंद्र पर एएनएम को दो महिलाओं और एक पुरुष ने पीटा, शासकीय कार्य में बाधा डालने का दर्ज। इंदौर के वार्ड छह में मीजल्स- रुबेला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। एक माह में 51 संक्रमित मिल चुके हैं और इनके संक्रमण से एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम टीके लगाने के लिए सुबह 9 से शाम 5 बजे तक डटी हुई है। यादव नगर के आंगनवाड़ी केंद्र पर भी शनिवार दोपहर 3 बजे एनएनएम रीता श्रीवास्तव एक महिला की गोद में मौजूद तीन साल के बच्चे को मीजल्स और रूबेला से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए सुझाव ही दे रही थी, तभी दो महिलाओं और एक पुरुष ने उन पर हमला कर दिया। चेहरे को नोचा, बाल खींचे, और मारपीट की। इन लोगों ने सिर्फ मानवता को शर्मसार किया, बल्कि यह भी जता दिया कि उन्हें अपने और दूसरे मासूमों की चिंता नहीं है।

शनिवार को यादव नगर के आंगनवाड़ी केंद्र पर आजाद नगर क्षेत्र के अजय बाग कालोनी में रहने वाली मंजू सिलावट व सेहरल सिलावट के साथ मौजूद एक पुरुष ने स्वास्थ्य विभाग की एनएनएम रीता श्रीवास्तव के साथ मारपीट की। एनएनएम की शिकायत पर आजाद नगर थाने में दोनों महिलाओं के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने पर प्रकरण भी दर्ज किया गया।

पीड़िता एएनएम ने सुनाई अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की पूरी कहानी
एनएनएम रीता श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि यादव नगर के आंगनवाड़ी केंद्र पर शनिवार को मेरी मीजल्स और रुबेला का टीका लगाने की ड्यूटी थी। वहां पर टीकाकरण कार्य के साथ पास में ही आधार कार्ड का केंद्र भी था। वहां मंजू व सेहरल व एक पुरुष खड़ा था। उनकी गोद में तीन साल का बच्चा था। मैं उन्हें टीका लगाने की समझाइश देने के लिए पहुंची थी। मैंने उन्हें समझाया कि यह बीमारी एक बच्चे से कई बच्चों को फैलेगी। उस महिला ने कहा कि हम तो प्रायवेट में टीके लगवाते हैं और सरकारी में नहीं लगवाते है। मैंने कहा कि एक- दो दिन में प्रायवेट में ही लगवा लेना। इस बीमारी का विस्फोट हुआ है और बच्चे चपेट में आ रहे हैं। यह सुनकर महिलाएं उग्र हो गईं और बोलने लगीं आप सरकारी विभाग वाले आए दिन परेशान करते हैं।

मेरा मोबाइल छीन लिया, चेहरे को नोचा और बाल खींचे
मैंने टीकाकरण अधिकारी डा. तरुण गुप्ता को फोन लगाया। उनसे बात ही कर रही थी कि उन्होंने मेरे हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और अधिकारी से बात नहीं करने दी। उन्होंने मेरे गले से पहचान पत्र को खींच लिया। महिलाओं ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। चेहरे को नोचा और मेरे बाल भी खींचने लगीं। महिलाओं के साथ मौजूद पुरुष ने मारपीट की, जिससे मेरी नाक से खून निकलने लगा। मैंने भी एक महिला को अपने बचाव में चांटा मारा। आधार केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों व एनएनएम रानी गिवानी व आंगनवाड़ी सहायिका शोभा राठौर ने मुझे बचाया और कमरे में ले जाकर बैठाया।

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थाने में केस दर्ज करवाया है
जिला टीकाकरण अधिकारी डा. तरुण गुप्ता ने बताया कि आजाद नगर, मूसाखेड़ी व खजराना क्षेत्र मीजल्स व रुबेला का प्रकोप बच्चों में मिला है। छह वार्डों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाकर संक्रमित बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाने के साथ टीके की अतिरिक्त खुराक दी जा रही है। इससे बच्चों को नुकसान नहीं है। एनएनएम ने फोन पर मुझे इस घटना की सूचना दी थी। थाने में केस दर्ज करवाया है।

इंदौर पहले भी देशभर में हो चुका है शर्मसार
वर्ष 2020 में टाटपट्टी बाखल में भी कोविड संक्रमण की जांच करने पहुंची महिला चिकित्सकों पर वहां के लोगों ने पत्थर फेंके थे। इस तरह का कृत्य करने वालों के कारण शहर की देश ही नहीं वैश्विक स्तर पर निंदा हुई हुई थी।

मीजल्स-रुबेला के ये हैं लक्षण
नौ माह से 10 साल के बच्चों में सर्दी, खांसी, तेज बुखार, शरीर पर लाल दाने व निमोनिया हो जाता है। डायरिया, कुपोषण होने का खतरा, मस्तिष्क ज्वर व अंधत्व हो सकता है। इस बीमारी से मौत भी हो सकती है।

इन इलाकों में अधिक मिल रहे संक्रमित बच्चे
खजराना, आजाद नगर, मूसाखेड़ी
वार्ड नंबर 52, 53, 38, 39, 2,61 में अभियान चलाकर बच्चों को एमएमआर की अतिरिक्त खुराक दी जा रही है और उन्हें विटामिन ए की दवा पिलाई जा रही है।
छह वार्डों के 60 केंद्रों पर 60 एनएनएम टीका लगाने में जुटीं हैं। यहां पर स्कूली बच्चों के अलावा स्वजन भी बच्चों को टीके लगवाने के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।
प्रत्येक केंद्र पर एक दिन में 80 से 100 बच्चों को लगा रहे टीका।
अब तक आठ हजार से अधिक बच्चों को लगाया जा चुका है टीका।

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