श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय के निर्देशन किया गया ट्रेनिंग सेशन का आयोजन । सेशन में 3167 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हुए शामिल ।
विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सीपीआर ट्रेनिंग की उपयोगिता, इसकी प्रक्रिया एवं ध्यान रखने योग्य बातें बतलाई गईं ।
दैनिक जीवन चर्या में बढ़ते कार्डियक अरेस्ट के मामले और कार्डियक अरेस्ट के दौरान अपनाई जाने वाली प्रारंभिक प्रक्रिया के बारे में पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाने के उद्देश्य से श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय श्री सुधीर सक्सेना जी के निर्देशन पर इंदौर (ग्रामीण) ज़ोन में थाना स्तर से लेकर जिला मुख्यालय और कार्यालयों में सीपीआर ट्रेंनिंग सेशन आयोजित किया गया जिसमें 2983 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हुए शामिल ।
विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सीपीआर तकनीक और प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत की जानकारी दी गई ।
डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि कार्डियक अरेस्ट और हार्टअटैक दोनों अलग-अलग हैं। उनके द्वारा कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों द्वारा पहचान करने के बारे में बताया गया । साथ ही कार्डियक अरेस्ट के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया जैसे चेस्ट पंपिंग तकनीक और उसके दौरान रखी जाने वाली सावधानियां विस्तार से बताई गईं ।
सीपीआर के दौरान ए.ई.डी. मशीन के उपयोग और संचालन क्रिया विधि के बारे में बताया गया । साथ ही कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक से बचने के लिए अपनाई जाने वाली गुड हेल्थ हैविट के बारे में भी जानकारी दी गई।
इंदौर (ग्रामीण) ज़ोन में – जिला इंदौर (ग्रामीण) से 254 , जिला अलीराजपुर से 250, जिला झाबुआ से 250, जिला धार से 968 जिला बड़वानी से 318 जिला खरगोन से 405, जिला खंडवा से 362, जिला बुरहानपुर से 300 पुलिस अधिकारी – कर्मचारी शामिल हुए साथ ही ज़ोन कार्यालय से 60 पुलिस अधिकारी – कर्मचारी इस सेशन में शामिल हुए । इस प्रकार जोन स्तर पर 3167 पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों को सीपीआर ट्रेनिंग, उसकी पहचान, उसकी प्रक्रिया, सावधानियां, ए.ई.डी. मशीन का उपयोग के बारे में बतलाया गया ।
