इंदौर क्राइम ब्रांच ने कार्यवाही करते हुए कई नामी बैंक , हॉस्पिटल की लिंक के माध्यम से ठगी करने वालो से ठगी का शिकार हुए लोगो को 4 लाख रुपये से अधिक वापस दिलवाए ।
दरसअल इंदौर शहर में इन दिनों बैंक और हास्पिटलो कि फर्जी लिंक के माध्यम से ठगी की शिकायत लगातार बढ़ती जा रही है जहा लोग कस्टमर केयर ढूंढते है और उसके बाद ठग से संपर्क करते है फिर उसके बाद ठगी करने वाले एक लिंक भेजता है लिंक एसबीआई , एच डी एफ सी , आई सी आई सी आई , की भी हो सकती है वही ठगी करने वाले आरोपी एसएमएस और वाट्सअप के माध्यम से कस्टमर को लिंक भेज देता है इसी के साथ ऐप के साथ डॉट एपीके फाइल भी भेजी जाती है जैसे ही एपीके फाइल पर कस्टमर क्लिक करता है तो तुरंत एक एप इंस्टॉल हो जाता है इंस्टाल होने के बाद एक फॉम खुलता है जिसमे कस्टमर अपना पूरा निजी डाटा जैसे यूपीआई नम्बर , पिन नंबर सहित सीवी नम्बर भरता है उसके तुरंत बाद कस्टमर का एकाउंट को खाली कर देते है जिसको लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच डीसीपी ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति वाट्सअप पर लिंक खुलवाने के प्रयास कर रहा है तो उसे डाउनलोड नही करे वही हाल ही में इंदौर क्राइम ब्रांच के पास तीन मामले सामने आए है जिसमे तीनो आवेदकों को 4 लाख रुपय से अधिक पैसा वापस दिलवाया गए है
