इंदौर के स्टूडेंट्स के लिए सावधान करने वाली खबर:चाय-कैफे में दोस्ती कर नशे की लत लगाता, फिर ब्लैकमेलिंग कर चोरी करवाता; पूरी गैंग पकड़ाई..

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर में ड्रग पेडलर्स के निशाने में यहां के स्टूडेंट्स हैं। वो स्टूडेंट्स जो अपना करियर बनाने के लिए अलग अलग शहर से इंदौर पहुंचे हैं। हाल ही में संयोगितागंज पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग को गिरफ्तार किया है जो चाय कैफे और सुट्‌टा बार से युवाओं को अपने चंगुल में फंसाता था।

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात लूट और चोरी की वारदात करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी निशानदेही पर कबाड़ का काम करने वाले तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। एक टीम आजाद नगर इलाके के ड्रग्स तस्करों को पकड़ने में लगी हुई है।
गिरफ्तार किए गए मास्टर माइंड ने इस बात का खुलासा किया कि वह चाय कैफे, चाय बार, सुट्‌टा बार जैसी जगहों से नए स्टूडेंट के बीच बैठता था। यहां दोस्ती करके उनको ड्रग्स की लत लगा देता था। इसके बाद अपनी गैंग में शामिल करके चोरी की वारदात को अंजाम दिलाता था।
इस मामले में पुलिस ने दो ऐसे स्टूडेंट को थाने में हाजिर होने को कहा है जो लिखित में अपने बयान दिए हैं। और बताया कि वह किस तरह से मास्टर माइंड अपराधी के जाल में फंस गए थे।
ये आरोपी पकड़ाए
संयोगितागंज पुलिस ने चोरी और ड्रग्स के मामले में साहिल निवासी चर्च कंपाउंड, शैलेन्द्र निवासी अभिनव नगर पालदा, आदिल निवासी बंगाली कॉलोनी और अभिजीत निवासी छावनी को पकड़ा है। इनकी निशानदेही पर कबाड़ी अंजू निवासी आजाद नगर, शहनवाज निवासी कबूतर खाना और साजिद निवासी प्रकाश का बगीचा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से चोरी का सामान भी बरामद कर लिया गया है।
सीसीटीवी में दिखा,फिर खुला राज
छावनी इलाके के एक सरकारी स्कूल में साहिल ने चोरी की वारदात की थी। थाना प्रभारी तहजीब काजी ने सीसीटीवी में उसे पहचाना कि आरोपी पहले विजय नगर में मोबाइल लूट और अन्य वारदातों में पकड़ा गया था। यह ड्रग्स एडिक्ट भी है। इसके बाद उसके पीछे टीम लगाई गई। साहिल के पकड़े जाने के बाद बाकी टीम भी पुलिस के हाथ लग गई।
नशे के लिए करते हैं शहर में चोरी
साहिल कई वर्षों से नशा करता है। उसे ब्राउन शुगर और महंगे पाउडर वाले नशे की लत है। इसके लिए वह चोरियां करता है। मामले में पकड़ाए अन्य आरोपियों ने भी कबूला कि वह साथ में बैठकर नशा कर वारदातों को अंजाम देते है।
ऐसे नए बच्चों को बनाता है टारगेट,ताकि काम चलता रहे
साहिल ने पूछताछ में जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला है। उसके मुताबिक हर समय जरूरी नहीं कि चोरी और लूट से पैसे आएंगे। इसके लिए वह कैफे, सुट्‌टा बार जैसी जगहों पर जाकर बैठता है। यहां नए लड़कों से दोस्ती कर लेता है। उसके बाद थोड़ी देर के लिए उनकी बाइक लेकर जाता है। वापस आकर चोरी या चेन स्नैचिंग जैसी वारदात में बाइक ट्रैप होने की जानकारी देकर पुलिस द्वारा पकड़े जाने का डर दिखाता है। कम उम्र के स्टूडेंट्स से कहता है कि बचने के लिए उनकी गैंग में शामिल हो जाए या घरों से रुपए लेकर आए। इसके बाद साहिल उनसे रुपए मंगवाकर खुद भी नए स्टूडेंट को नशे की लत में डाल देता है। उसके बाद उनके रुपए से ड्रग्स का शौक पूरा करता है।

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