इन्दौर के मेडिकल कॉलेज MGM के एक डॉक्टर ने बनाई पौने तीन करोड़ की लागत से एक डिवाइस जिससे 20 सेकेंड में टेस्ट, 2 सेकंड में रिजल्ट, सामने आ जायेगा वही डॉक्टर को इस डिवाइस को बनाने में लगभग 7 साल, लग चुके है वही अब फॉरेन इनवेस्टर्स का साथ साथ मिला है
दरसअल इन्दौर के मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने एक नया अविष्कार कर इन्दौर ही नही बल्कि पूरे भारत देश का नाम रोशन किया है जी हाँ बात कर रहे है एक ऐसे ही डॉक्टर की जिसने किडनी की गंभीर बीमारी किडनी की जिसके पूरे भारत वर्ष में करीब 20 करोड़ से ज्यादा मरीज मौजूद है डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर ऐसी कई बीमारियां है जिससे किडनी को नुकसान हिने का खतरा लगातार बना रहता है अगर इस बीमारी को समय रहते पकड़ लिया जाए तो किडनी की बीमारी को रोक सकते है इसको रोकने के लिए एक टेस्ट होता है जिसको डॉक्टरी भाषा मे माइक्रो प्रोटीन यूरिया कहा जाता है इस टेस्ट में यूरिन में किडनी में इंफेक्शन दिख जाता है जिससे किडनी जैसी गंभीर बीमारी का इलाज किया जा सकता है मगर यह टेस्ट बहुत महंगा पड़ता है और हर जगह एवेलेबल भी नही हो पाता है जिसके इन्दौर के मेडिकक कॉलेज के डॉक्टर पंकज पराशर ने पॉइंट ऑफ पोर्टेबल केयर डिवाइस डेवलप किया है जिससे सिर्फ यूरिन की जांच से कही भी कभी भी कम कीमत में बड़ी मशीन एक्यूरिसी के साथ टेस्ट किया जा सकता है फिलहाल यह टेस्ट स्वदेशी तकनीक के साथ भारत मे निर्मित की गई है वही इस डिवाइस को भारत सरकार की योजना , और फंडिंग की मदद से भारत मे बनाया गया है
वही हाल ही में हुए 17 वे भारतीय प्रवासी सम्मेलन और इंवेस्टरसमित में पिच टू प्रवासी इवेंट में 30 देशों के प्रवासी इस डिवाइस में इन्वेस्ट करने की रुचि भी दिखाई है इसी के साथ इंवेस्टरसमित मे भी एक बहुत बड़ी आईटी कंपनी ने भी ग्रामीण क्षेत्रो में सेवाओ को बेहतर बनाने की पहल की है जिसके लिए कई कंपनियों की तरफ से ऑफए भी आ रहे है
