इंदौर की सीएचएल हास्पिटल के कार्डियक आइसीयू में लगी आग, मची अफरा-तफरी

By Abhishek Raghuvanshi
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  • एलआइजी चौराहे के पास सीएचएल हास्पिटल की पहली मंजिल पर बने कार्डियक आइसीयू में बुधवार रात करीब रात 9.30 बजे आग लग गई। इससे अफरा-तफरी मच गई।
  • सीएचएल हास्पिटल की पहली मंजिल पर कार्डियक आइसीयू में लगी आग
  • रात 9.30 बजे – मची अफरा-तफरी, मरीजों को किया शिफ्ट
  • घबराए स्वजन अस्पताल पहुंचे

एलआइजी चौराहे के पास सीएचएल हास्पिटल की पहली मंजिल पर बने कार्डियक आइसीयू में बुधवार रात करीब रात 9.30 बजे आग लग गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। मरीज और स्वजन घबरा गए। वार्ड में धुआं भरने से लोगों को सांस लेने में मुश्किल आने लगी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ मरीजों को अन्य वार्ड में शिफ्ट करना शुरू कर दिया। कुछ घबराए मरीजों के स्वजन मरीजों को लेकर अस्पताल छोड़ने की तैयारी करने लगे। घटना के समय उस कक्ष में पांच और पहली मंजिल पर 35 मरीज भर्ती थे। शार्ट-सर्किट से आग लगना बताया गया है।

मरीजों को अन्य वार्ड में किया गया शिफ्ट
सूचना पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि इससे पहले ही हालात नियंत्रण में आ गए थे। मरीजों को अन्य वार्ड में शिफ्ट करने के साथ ही आग बुझा ली गई थी। शार्ट-सर्किट बेड पर लगे मल्टीपेरा मानिटर और अन्य उपकरणों में हुआ था। कुछ मरीजों को कैज्युलटी में शिफ्ट किया गया। धुएं से वहां सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए। लोग जोर-जोर से खांस रहे थे। हालत को नियंत्रण में आने करीब आधे घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। स्वजन से मिलने आए द्वारकापुरी निवासी अशोक खटवासे ने वार्ड का कांच हाथ से तोड़ा, जिसमें उनके हाथ में चोट आई।

अस्पताल के चीफ आपरेटिंग आफिसर धनंजय कुमार ने बताया कि घटना के समय आइसीयू में पांच मरीज थे। उनको समय रहते शिफ्ट कर दिया गया था। रात 11.30 बजे सीएमएचओ बीएस सैत्या भी पहुंचे। मरीजों ने कहा- धुएं से दम घुटने लगा थावार्ड में धुआं फैल गया था। इससे दम घुटने लगा था। मंगलवार को मुझे स्टैंट लगाए गया था। अस्पताल का स्टाफ मुझे वार्ड से निकालकर लाया। इस दौरान बहुत घबरा गए थे। हम अभी चल नहीं पा रहे हैं। -मरीज नियामत बी आज ही मेरी एंजियोंप्लास्टि हुई है। मेरे बेड के पास ही आग लगी। हाथ में लगी स्ट्रीप को निकालकर बाहर भागा। हालात को ठीक होने में 30-40 मिनट का समय लगा।

मरीज जगदीश प्रसाद जिस कमरे में आग लगी, हम उसके पास वाले कमरे में भर्ती थे। अस्पताल प्रबंधन के लोग आए और सभी मरीजों को वहां से दूसरे वार्ड में ले जाने लगे। हमें भी पकड़कर तल मंजिल पर लेकर आए। कुछ अन्य को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया।

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मरीज किशोर तापड़िया गंभीर था मरीज, दे रहे थे सीपीआर
डा. मनीष पोरवाल के मुताबिक कार्डियक आइसीयू में बेड नंबर 15 नंबर एक गंभीर मरीज आया था। उसे सीपीआर दिया जा रहा था, तभी शार्ट-सर्किट से आग लगी और धुआं उठा। उस समय वार्ड में चार मरीज थे। चारों को पास के आइसीयू में शिफ्ट किया। जहां आग लगी, उसके पास वाले आइसीयू में हार्ट की सर्जरी वाले 12 मरीज थे। उस कक्ष के दरवाजे बंद कर दिए, ताकि धुआं नहीं पहुंचे। जहां आग लगी उसके कांच तोड़ दिए। आधे घंटे परेशानी का माहौल रहा। परिसर में सेंट्रल आक्सीजन लेवल को लो किया, ताकि आग ना फैले। मरीजों को सिलिंडर से आक्सीजन दी गई। सभी मरीज सुरक्षित हैं। एक गंभीर मरीज को स्वजन को दूसरे अस्पताल में ले गए।

घटना की जानकारी मिली है। कोई भी मरीज हताहत नहीं हुआ है। मामले की जांच की जाएगी। शहर के सभी अस्पतालों में फायर सुरक्षा मापदंडों का पालन करवाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं
बीएस सैत्या, सीएमएचओ

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