एमवायएच में एंबुलेंस गैंग की दादागीरी जारी है। इस बार गैंग ने अपनी एंबुलेंस लेकर आए एक युवक को धमकाया। एमवाय से शव ले जाने के लिए रुपए मांगे। नहीं देने पर सिपाही बुलाकर गाड़ी के कागज चेक कराए। फिर युवक की गाड़ी से शव उतारकर अपनी गाड़ी में रख ज्यादा रुपयों में ले गए। वहां एक बोर्ड पर टीआई का नंबर लिखा था। पीड़ित ने जैसे ही उन्हें फोन लगाया, कई जवान वहां पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सिपाही की भूमिका भी जांची जा रही है।
संयोगितागंज टीआई तहजीब काजी के अनुसार शुक्रवार को हुए विवाद के बाद आरोपी विजेंद्र उर्फ विजय मौर्य को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ एंबुलेंस चालक देवेंद्र जादौन निवासी नलखेड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई है। देंवेद्र ने बताया शुक्रवार को एक फोन आया। उनके परिजन का शव कन्नौद ले जाने के लिए 2500 रुपए में बात हुई। देवेंद्र एमवाय पहुंचा तो विजय ने धमकाया कि 500 रुपए एजेंटी दो वर्ना शव ले जाने नहीं दूंगा। विजय की भी एंबुलेंस चलती है। विजय ने फोन कर एक सिपाही को बुलवाया। सिपाही गाड़ी के कागज जांचने लगा। इस बीच विजय ने पीड़ित परिवार को धमकाकर शव मेरी गाड़ी से उठाकर अपनी गाड़ी में रख लिया और 2900 रुपए में ले गया।
अस्पताल प्रबंधन बैठे हे चुप
अस्पताल से जुड़े लोगों का कहना है यहां रोजाना लोग परेशान होते हैं। शव और मरीज ले जाने के लिए मनमानी वसूली होती है। कलेक्टर ने एबुलेंस के लिए रेट तय कर रखे हैं, लेकिन कोई भी उस रेट में नहीं ले जाता। बड़ी लापरवाही एमवायएच प्रबंधन की है, जो कभी ध्यान नहीं देता।
