अपात्र यूनानी चिकित्सक द्वारा प्रसूति के दौरान शिशु को खींचकर निकालने, चोट और इंफेक्शन से नवजात के आंख की रोशनी जाने के मामले में महिला चिकित्सक फरहनाज़ ओर सेवालाय हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज..
सीएचएमओ विभाग द्वारा चार महीने चली जाँच के बाद डॉ फरहनाज़ ओर सेवालाय हॉस्पिटल के संचालक को दोषी पाया…
सीएमएचओ विभाग की शिकायत पर थाना पंढरीनाथ ने लालची, लापरवाह चिकित्सक ओर हॉस्पिटल संचालक के विरुद्ध दर्ज की एफआईआर,हॉस्पिटल भी होगा सील..
खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ बताने वाली डॉक्टर फरहनाज़ का न तो कोई रजिस्ट्रेशन था और न ही वे विशेषज्ञ थीं,बीयूएमएस यूनानी चिकित्सक थीं जिन्हें टांकें लगाने का भी अधिकार नही था!
दिनांक 13-11-22 को डॉक्टर फरहनाज़ ने करवाई थी डिलेवरी, हैवीवेट बच्चे को खींच-तान कर निकालने से आईं थी नवजात को चोट ,आंखों में हुआ था फंगस इन्फेक्शन…
नवजात की मां ने प्रसूति में लापरवाही को लेकर मानव अधिकार आयोग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस आयुक्त और इंदौर कलेक्टर को की थी लिखित शिकायत
इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र के मदर केयर क्लिनिक की यूनानी चिकित्सक एवं संचालिका डॉ फराहनाज़ जिन्हें ऑपरेशन और टांके लगाने की पात्रता ना होते हुए भी चीरा लगा कर करवाई थी प्रसूति..
इंफेक्शन से नवजात की आंखों को बचाने के लिए 5 हजार रुपये रोज के इंजेक्शन आंखों में लगे,उसके बावजूद बच्चे की एक आंख की रोशनी चली गई…
नवजात की मां मुन्ज़िला के मुताबिक पति पुताई का काम करते है और इलाज में करीब 5 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके थे !
मदर केयर क्लिनिक चलाने वाली अपात्र डॉक्टर ने सेवालाय हॉस्पिटल में कराई थी डिलेवरी..!नवजात को नारायणी हॉस्पिटल के बाद लोटस हॉस्पिटल के आईसीयू में किया था एडमिट…
