मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बीआरटीएस से पैदा हुई अनेक समस्याओं के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई।
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर सर्वसम्मति से भोपाल के बीआरटीएस को चरणबद्ध रूप से हटाने का निर्णय लिया गया।
इस निर्णय से व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम हो सकेगा। स्थानीय परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
बीआरटीएस के स्थान पर सेंट्रल रोड डिवाइडर बनाया जाएगा।
अब बात इंदौर की…
भोपाल के बीआरटीएस को चरणबद्ध रूप से हटाने का निर्णय
आज भोपाल के बीआरटीएस को चरणबद्ध रूप से हटाने का निर्णय लिया गया..
इसी तरह की हालत इंदौर के बीआरटीएस की भी है…
इसे भी हटाए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है…
