झमाझम बारिश से इंदौर सहित मालवा-निमाड़ तरबतर, मोरटक्का में पुल के ऊपर नर्मदा।
नदियां उफान पर, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर व गंभीर बांध के गेट खोले गए
इंदौर-इच्छापुर मार्ग अवरुद्ध, नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर बंद है आवागमन
सड़कों पर जल जमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
शुक्रवार-शनिवार को हुई रिकार्डतोड़ बारिश से प्रदेश के बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ वर्षा का सिलसिला शनिवार को दिनभर जारी रहा। जमकर बरसे बादलों ने इंदौर शहर के हालात बिगाड़ दिए। इंदौर में पिछले 31 घंटे में 362 मिमी से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। झमाझम वर्षा से शहर की 100 से ज्यादा निचली बस्तियां पानी में डूब गईं। नगर निगम और जिला प्रशासन का अमला निचली बस्तियों में जल निकासी के इंतजाम में लगा रहा।
इंदौर में शुक्रवार शाम से शुरू हुआ वर्षा का सिलसिला शनिवार देर रात तक जारी रहा। जमकर बरसे बादलों ने इंदौर के हालात बिगाड़ दिए। रविवार सुबह शहर में बादल छाए और हल्की वर्षा होती रही। रविवार सुबह 8 बजे तक पिछले 40 घंटों में शहर के रीगल क्षेत्र में जहां 394 मिलीमीटर ( क़रीब 15.5 इंच ) बारिश दर्ज हुई। वहीं एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर रविवार सुबह 8.30 बजे तक विगत 39 घंटे में 301 मिमीमीटर (12 इंच) दर्ज हुई। पिछले दो दिन में हुई बारिश में इंदौर का चार माह के मानूसन सीजन के औसत वर्षा (929.4 मिलीमीटर) का कोटा भी पूरा किया।
इंदौर में रविवार सुबह 8.30 बजे तक इस मानसून सीजन में 1130.5 मिलीमीटर (क़रीब 44.5 इंच) वर्षा हो चुकी है, जो कि औसत वर्षा से 198 मिमी अधिक है। पिछले दो दिनों में शहर में हो रही वर्षा के कारण शहर की अधिकांश गलियों व निचली बस्ती व चौराहों पर जलजमाव की स्थिति बनी रही। झमाझम वर्षा से शहर की 100 से ज्यादा निचली बस्तियां पानी में डूब गईं। जिला प्रशासन व एसडीईआरएफ की टीमें रेस्क्यू आपरेशन में जुटी रही। निचली बस्ती के लाेगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचा गया।
इंदौर जिले की महू तहसील में पिछले 24 घंटे में 187 मिलीमीटर, सांवेर में 118 मिमी, देपालपुर में 154 मिमी, गौतमपुरा में 135.5 मिमी, हातोद में 162.5 मिमी वर्षा हुई है।
आज भी शहर में अत्याधिक भारी वर्षा के आसार
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक, भोपाल पर बना सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय था और मानसून द्रोणिका भी बीकानेर से होते हुए भोपाल से होकर गुजर रही थी। इस वजह इंदौर संभाग के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश हुई। मानसून द्रोणिका जेसलमेर, उज्जैन व इंदौर से होकर कम दबाव के क्षेत्र से गुजर रही है। इसके अलावा अरब सागर से काफी मात्रा में नमी मिलने के कारण इंदौर संभाग में रविवार को भी रेड अलर्ट रहेगा और इंदौर जिले में अत्याधिक भारी वर्षा होगी । वही धार, झाबुआ और अलीराजपुर में सर्वाधिक अत्याधिक वर्षा होने के आसार है।
इसके चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नगर निगम और जिला प्रशासन का अमला निचली बस्तियों में जल निकासी के इंतजाम में लगा रहा। जिला प्रशासन व एसडीईआरएफ की टीमें रेस्क्यू आपरेशन में जुटी रही। कलेक्टर इलैयाराजा टी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करते रहें।
निचली बस्तियों में 200 से ज्यादा लोगों को बचाया और 450 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। इन्हें 15 हजार खाने के पैकेट पहुंचाए गए। सांवेर क्षेत्र में बाढ़ में फंसी महिला का प्रसव मोटर बोट से पहुंची मेडिकल टीम ने कराया। पिछले दो दिन में हुई वर्षा ने इंदौर के चार माह के मानसून सीजन के औसत वर्षा (929.4 मिमी) का कोटा भी पूरा किया। शनिवार रात 11.30 बजे तक 1107.8 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो कि औसत वर्षा से 178 मिमी अधिक है।
आंकड़ों में बारिश
100 से ज्यादा निचली बस्तियों में घुसा पानी
169.8 मिमी वर्षा हुई थी 20 सितंबर 1962 को
200 से ज्यादा लोगों काे बचाया गया
450 से ज्यादा लोगों को भेजा सुरक्षित स्थानों पर
15 हजार भोजन के पैकेट जरूरतमंदों को वितरित किए गए
21 लोगों को बचाने के लिए कलारिया में चली नाव
उज्जैन में शिप्रा उफनी, गंभीर डैम के पांच गेट खोले
उधर अंचल में भारी वर्षा के चलते उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर है। इंदिरासागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोल दिए गए। इससे तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में पानी ही पानी हो गया। वहीं मोरटक्का में नर्मदा पुल के ऊपर पहुंच गई है। इस पुल से आवागमन बंद होने से इंदौर-इच्छापुर मार्ग अवरुद्ध हो गया। मौसम विभाग ने रविवार को भी रेड अलर्ट जारी किया है।
ओंकारेश्वर बांध से पहली बार छोड़ा 44000 क्यूमेक्स पानी
ओंकारेश्वर में बांध से पहली बार 44000 क्यूमेक्स पानी एक साथ छोड़ने से नर्मदा नदी झूला पुल को छूने को बेताब नजर आ रही है। बाढ़ का पानी गजानन आश्रम से दंडी स्वामी आश्रम चौराहे तक पहुंच गया है। क्षेत्र के घरों और दुकानों में पानी भरने से लोगों को नुकसानी का सामना करना पड़ा है। नर्मदा का पानी ममलेश्वर मंदिर तक जा पहुंचा।
बड़वानी में डूब क्षेत्र से प्रभावितों को ला रही बस पलटी, 17 को बचाया
बड़वानी जिले में लगातार वर्षा का दौर जारी है। उधर बांधों के गेट खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर बढ़ गया है। अंजड़ के डूब गांव छोटा बड़दा से डूब प्रभावितों को अंजड़ ला रही स्कूल बस अंजड़ के समीप पुलिया से पलट गई। उफनते नाले में पलटी बस में सवार 17 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू जारी रहा।
