शुजालपुर के कालापीपल इलाके के शराब कारोबारी के कुत्ते के मर्डर का रोचक किस्सा और मर्डर का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। पाकिस्तानी बुल नस्ल के इस पालतू कुत्ते सुलतान को भोपाल के एक ट्रेनिंग सेंटर में 13 हजार रूपये महीनें की फीस पर ट्रेन करने के लिए छोड़ा गया,लेकिन इसी डॉग ट्रेनिंग सेंटर के लोगों ने भोपाल में फांसी लगाकर डॉग सुल्तान की निर्मम हत्या कर डाली। हत्या का सीसीटीवी सामने आने के बाद पुलिस ने 3 लोगो पर एफआईआर दर्ज की है। भोपाल में ये घटना हुई और शुजालपुर के कालापीपल इलाके के इस मामले में अब शुजालपुर एसडीएम को भोपाल पुलिस ने मृत कुत्ते सुलतान का शव निकलवाकर पोस्ट मार्टम करवाने की अर्जी लगाई है। जिस पर आज फैसला होगा। देखिए कुत्ते की हाई प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री…
शुजालपुर सब डिवीजन के कालापीपल के शराब कारोबारी के पालतू पाकिस्तानी बुली नस्ल के कुत्ते सुलतान की भोपाल के डॉग ट्रेनिंग सेंटर में फांसी लगाकर 9 अक्तूबर को हत्या कर दी गई। सुल्तान की मौत मालिक को सामान्य नही लगी। उन्हें डॉग की क्रास नस्ल पैदा करने के लिए इस हत्या को करने का शक हुआ। मौत के 8 दिन बाद तक कुत्ते का मालिक अपने चहेते डोगी सुल्तान की मौत का सच जानने पुलिस,अफसर और सिस्टम से संघर्ष करता रहा। आखिरकार डॉग ट्रेनिंग के सीसीटीवी फुटेज रिकवर होकर मिले, तो मौत के सामने आए सच ने रूह कंपाने वाली पशु क्रूरता की कलाई खोलकर दी। फांसी लगाकर कुत्ते सुलतान की हत्या के वीडियो के आधार पर अब भोपाल पुलिस ने 3 लोगो पर एफआईआर दर्ज की है।
शुजालपुर अनुभाग के कालापीपल तहसील में रहने वाले निखिल उर्फ टीनू जायसवाल शराब कारोबारी है। उन्होंने करीब ढाई साल पहले 50 हजार में इस डॉग को शुजालपुर में ही ऑटो मोबाइल शो रूम के मैनेजर से खरीदकर उसका नाम सुल्तान रखा था। 1 मई 2023 को निखिल उर्फ टीनू ने अपने सुल्तान को भोपाल के अल्फा डॉग्स ट्रेंनिंग एंड बोर्डिंग ट्रेनिंग सेंटर पर भेजा था। यह सेंटर सहारा स्टेट, 11 मिल, भोपाल में है। यहां 4 माह की ट्रेनिंग के लिए सुलतान को छोड़ा और वीडियो कॉल पर सुल्तान की अपडेट मालिक निखिल लेते थे। हर महीने करीब 13 हजार रुपए ट्रेनिंग के लिए देना तय हुए थे। 14 सितंबर 2023 को ट्रेनिंग की अवधि पूरी होने पर निखिल ने इस केंद्र पर फोन लगाकर अपने डॉग सुल्तान को वापस लेने भोपाल आने के लिए कहा, तो ट्रेनर रवि कुशवाह ने मना कर दिया और कहा कि अभी इसे कुछ समय और रहने दो। हम इसे फ्री में ट्रेनिंग देंगे। 6 अक्टूबर 2023 को दोबारा जब सुल्तान को वापस लाने के लिए निखिल ने संपर्क किया, तो केंद्र के संचालक रवि ने दोबारा मना कर दिया। इस बार कहा कि अभी इसे कुछ दिन और रहने दो। फिर अचानक 9 अक्टूबर 2023 को भोपाल से ट्रेनर रवि कुशवाह का फोन निखिल के पास आया और बताया आपके डॉग को सांस नहीं आ रही है। हम सेंटर पर ही सीपीआर दे रहे हैं। सुल्तान की तबीयत खराब होने की खबर मिलते ही निखिल उर्फ टीनू ने ट्रेनर रवि को उसे अस्पताल ले जाने के लिए कहा। वह खुद अपनी फार्च्यूनर से भोपाल पहुंच गए। यहां पता चला सुल्तान की मौत हो चुकी है और उसे ट्रेनिंग सेंटर के रवि और अन्य लोग अस्पताल भी नहीं ले गए। शाम 4 बजे मिसरोद सेंटर पर पहुंचने पर निखिल ने देखा सुल्तान मर चुका था। घटना पर संदेह होने पर निखिल ने केंद्र की वीडियो रिकॉर्डिंग लेना चाही, उसे पता चला कि 9 अक्टूबर की दोपहर 2:30 बजे के पहले की इस सेंटर के बाहर के कैमरे की सारी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई है। केंद्र के अंदर के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग लेने के लिए भी 3 घंटे तक प्रयास किया, लेकिन कंप्यूटर से रिकॉर्डिंग डाउनलोड न होना बताकर निखिल को टाल दिया गया। सुल्तान के मालिक निखिल ने बताया कि उसने ट्रेनर रवि को सुल्तान के पोस्टमार्टम के लिए कहा, तो उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में मेरी बात हो गई है, आप सुल्तान को लेकर चले जाएं। वहां पीएम हो जाएगा। लेकिन वहां भी पोस्टमार्टम नहीं किया गया। थक हार कर निखिल अपने चहेते सुल्तान को मृत अवस्था में अपने अकोदिया स्थित घर ले आया और उसका अंतिम संस्कार (दफनाया) किया।
रोज 3 से 4 हजार की थी खुराक, बोलरो खींचता था सुल्तान…
मौत के बाद 8 दिन किया संघर्ष, तब सामने आया फांसी लगाकर हत्या का वीडियो…
इसके अगले दिन से दोबारा निखिल ने सुल्तान की मौत का सच सामने लाने की ठान ली और लगातार 9 दिन तक भोपाल आना-जाना करता रहा। कई अफसरो से मिला और ट्रेनिंग सेंटर के साथ दफ्तरों के कई चक्कर लगाए। आखरी में भोपाल के डीआईजी अवधेश गौस्वामी, एसीपी रंजिश कश्यप बाग सेवनिया ने इनकी मदद की। पुलिस द्वारा दबाव बनाने पर ट्रेनिंग सेंटर के सीसीटीवी में कैद हुए वीडियो रिकवर हुए और सुल्तान को फांसी लगाकर मारने का वीडियो सामने आ गया। इस वीडियो को सुल्तान की मौत व क्रूरता का प्राथमिक सबूत मानते हुए धारा 429, 201 व पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 मे 17 अक्टूबर की शाम 8 बजे निखिल उर्फ टीनू जायसवाल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज हुआ। जिसमें डॉग ट्रेनिंग सेंटर चलाने वाले रवि कुशवाह, उनके सहयोगी तरुण पिता कबीर दास व नेहा उर्फ़ प्रिया तीन आरोपियों पर प्रकरण दर्ज किया गया।
दोबारा शव निकलवाने एसडीएम को दिया आवेदन, आज होगा निर्णय…
इस मामले में भोपाल से पुलिस अकोदिया, शुजालपुर दोनो जगह पहुंची है। सुल्तान का दफनाया शव, एसडीएम शुजालपुर से अनुमति लेकर पोस्ट मार्टम के लिए निकलवाने पुलिस ने एसडीएम को संपर्क किया है। एसडीएम सत्येंद्र सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि वह निर्वाचन कार्य में व्यस्त थे, इसलिए इस प्रकरण को नहीं देख पाए। आज इस प्रकरण को देखकर नियमानुसार जो भी निर्णय होगा वह किया जाएगा।
यह है इस डॉग की खासियत
शुजालपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रशांत महाणीक ने बताया कि इस नस्ल के डॉग की खासियत है कि, यह पहाड़ी इलाकों में रहता है। शरीर से लंबे चौड़े रहते हैं। पशु प्रेमी लोग इन्हें घर में नहीं बल्कि आउटसाइड या अपने फार्म हाउस खेत या घर से बाहर पालने के लिए रखते हैं, क्योंकि यह सामान्य कुत्तों से ज्यादा आक्रोशित होते हैं, इसीलिए इन्हें शिकारी कुत्ता भी कहा जाता है। इनकी अनुमानित उम्र 14 से 15 वर्ष होती है।
मालिक कोई यह शंका, इसलिए खुल पूरा प्रकरण..
केवल कुत्ते की मौत का प्रकरण था, लेकिन मालिक के लिए यह घरेलू व्यक्तियों जैसे प्रेम वाला संपर्क वाला प्राणी था। मौत से पहले दो बार ट्रेनिंग पीरियड पूरा होने पर भी ले जाने के लिए मना किया, इसलिए पशु मालिक को शंका हुई। उन्हें अब भी यह संदेह है कि ट्रेनर उनके पालतू डॉग से क्रॉस नस्ल ब्रीडिंग करके अन्य डॉग के बच्चों को पैदा कर बेचने का मकसद रखता होगा, इसलिए उसने ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें डॉग सुल्तान वापस नहीं दिया। बार बार सुलतान को वापस मांगने से नाराज होकर उसने उनके डॉग की हत्या कर दी।
