आज देवउठनी एकादशी पर शुजालपुर के विभिन्न मंदिरों में भगवान विष्णु के अवतार सालिग्राम भगवान की पूजा-अर्चना की गई । शहर के प्रमुख श्रीराम मंदिर में सुबह महिला मंडल ने देव प्रबोधिनी एकादशी व्रत,भजन कीर्तन कर भगवान विष्णु को जगाया और मां तुलसी का श्रृंगार कर भगवान सालिग्राम जी से उनका विवाह संपन्न कराया।इस दिन भगवान सालिग्राम को बोर भाजी और आंवले का भोग लगाकर उनका भी श्रृंगार किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार देवउठनी एकादशी को चातुर्मास की समाप्ति के साथ ही भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागकर शुभ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ करते हैं। इसीलिए कार्तिक माह की इस एकादशी को देव प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है।
