15 साल होगी महिला आरक्षण की अवधि, लोकसभा में पेश, जानिए इसमें क्या-क्या

By Abhishek Raghuvanshi
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लोकसभा में आज केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण बिल पेश कर दिया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि महिला आरक्षण बिल का नाम ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ होगा. उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद हमारा लोकतंत्र और मजबूत होगा. हमारी सरकार इस अधिनियम को कानून बनाने के लिए संकल्पबद्ध है. जब लोकसभा में बिल पेश हुआ तो विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा किया.

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि महिला आरक्षण बिल की अवधि 15 साल होगी. हालांकि ये अवधि बढ़ाने के लिए संसद के पास अधिकार होगा. मेघवाल ने कहा कि इस अधिनियम के पास होने के बाद लोकसभा में महिला सीटों की संख्या 181 हो जाएगी. लोकसभा में फिलहाल महिला सांसदों की संख्या 82 है.

कांग्रेस ने जानबूझकर लोकसभा में पेश नहीं किया बिल- अर्जुन राम

बिल पेश करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर यह बिल लोकसभा में पेश नहीं किया था. कांग्रेस से साजिश की बू आती है.

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बिल के मसौदे के मुताबिक, संसद और दिल्ली सहित सभी विधानासभाओं में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी. बड़ी बात यह है कि एससी-एसटी वर्ग के लिए कोटा के अंदर कोटा लागू होगा. इसका मतलब है कि 33 फीसदी आरक्षण के अंदर एससी-एसटी में शामिल जातियों को भी आरक्षण की व्यवस्था होगी.

डिलीमिटेशन के बाद ही लागू होगा आरक्षण

बिल के मसौदे में कहा गया है डिलीमिटेशन के बाद ही आरक्षण लागू होगा. बिल के मसौदे के मुताबिक, डिलिमिटेशन के लिए एक कमीशन बनाया जाएगा. डिलिमिटेशन के बाद करीब 30 फीसदी सीट बढ़ जाएंगी. डिलिमिटेशन संसद और विधानसभा दोनों के लिए होगा.

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