बिते दिनों झाबुआ में प्रदेश मुखिया शिवराजसिंह चौहान ने कदम रखे थे। जनता को सौगात देने आये थे लडली बहनो को खुशी देने आये थे। युवाओ के लिये नये कॉलेज का उद्घाटन करने आये थे।
सरकार से सरोकार रखने वाले नगर पालिका प्रशासन ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह को उत्कृष्ट सड़क पर चलते हुये गड्डो में ढ्चके न लगे इसलिये सड़क पर मुहरम और चुरी से पेच वर्क किया।
किये गये पेच वर्क के ऊपर से प्रदेश मुखिया का वाहन सरपट दौड़ कर निकल गया। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को गड्डो का आभाष तक नहीं हुआ।
कृषि मंडी से अनास पुल तक की उत्कृष्ट सड़क अपनी दुर्दशा पर छाती पीट रही है।उस पर निकलने वाले राहगीर मुसीबत पर मुसीबत झेल रहे हैं। जब गड्डे थे तब भी गिरते-गिरते संभलते थे और कुछेक तो गिर ही जाते थे।
अनाज गोदाम से लगाकर पॉलीटेक्नीक कॉलेज तक तो यह स्थिति थी कि प्रतिदिन कोई न कोई बाइक सवार गिरता पड़ता ही रहता।
और अब जब से नगर पालिका ने प्रदेश मुखिया के आने से पहले गड्डो पर पेच वर्क किया तब से राहगीरों के लिये आवागमन में समस्या ने चार हाथ और बड़ा दिये।
मुख्यमंत्री के लिये किये गये पेच वर्क पर जब भी कोई वाहन निकलता है तो पीछे अपने धूल के ढेर को हवा में उछाल कर जाता है। इस धूल के गुबार से लोगों की आंखों में बीमारी पनपती है। बडे वाहनों से निकला धुआं और धुल की मिलावट से राहगीरों को चर्म रोग होता है।
सीधी सी बात यह है कि नगर पालिका द्वारा किया गया मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के लिये पेच वर्क राहगीरो के लिये बीमारी का वर्क बन गया है।
सड़क की धूल और कचरा जब आंखों में जाता है तो आंखों को बहुत ज्यादा नुकसान होता है।
इस सम्बंध में आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर आवासीया से जानकारी चाही गयी तब उन्होंनें बताया कि, धूल मिट्टी और कचरा जब आंख में जाता है तब कोर्निया में एब्रोजेन होता है जिससे आंख की रोशनी भी जा सकती है। कभी-कभी ये धूल के कण आंखों में किरकिरापन पैदा कर अल्सर भी बना देते हैं। जिसके कारण आंखों में समस्याये अलग-अलग बिमारी का रूप लेती है।
हालांकि, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि को जब इस समस्या से अवगत करवाया तो प्रतिनिधि ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के आगमन पर विशेष रूप से उत्कृष्ट सड़क पर पेच वर्क किया गया था और राहगीरो को जो समस्या हो रही है उसका बहुत ही जल्द निदान हो जायेगा।
बची हुई उत्कृष्ट सड़क का कार्य बहुत ही जल्द शुरू किया जाएगा।
लगभग आनेवाले सोमवार से कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा।
सबसे पहले सड़क की साफ-सफाई की जायेगी। उसके बाद सड़क बनाने का कार्य किया जायेगा।
बहरहाल लिफाफे का रंग मत पुछो उसके वजन का अंदाजा लगाओ। उत्कृष्ट सड़क के बचे हुये भाग का निर्माण बहुत ही जल्द शुरू हो जायेगा इस निर्माण की लागत करीब-करीब 75 लाख रुपये तक की है। पहले बनाई गयी उत्कृष्ट सड़क का निर्माण 1करोड़ 35 लाख से ज्यादा का था। सम्पुर्ण सड़क निर्माण के लिये पैसा कम था मगर फिर भी काम शुरू कर सड़क का बहुत सा हिस्सा फिर से बना दिया क्युंकि यदि नहीं बनाते तो डेढ़ करोड़ रुपया लेप्स हो जाता।
अब बाकी बची सड़क के निर्माण कार्य के लिये आये 75 लाख भी सोमवार से कार्य प्रगति में लग ही जायेगे।
