इंदौर के बिजासन माता मंदिर पर अष्टमी के दिन दर्शन के लिये पहुंचे एक परिवार की 14 साल की बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई। वहीं 8 साल के बेटे को पिता ने बचा लिया। बच्ची के बेसुध होने पर उसे दो निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरो ने उसे एमवाय ले जाने की बात कही। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
एरोड्रम पुलिस के मुताबिक घटना करीब 12 बजे के आस पास बिजासन माता मंदिर की है। यहां 14 साल की कनक रनवासी उसका 8 साल का भाई नयन निवासी हातोद झूला झूल रहे थे। झूला रूकते ही कनक नीचे उतरी। कनक ने चप्पल नही पहनी हुई थी। इस दौरान झूले के प्लेटफार्म पर उसे अचानक करंट का झटका लगा।
वह मदद के लिये चिल्लाई। इस दौरान बहन को पकड़ने में नयन को भी करंट लगा। पिता पवन को लगा कि बेटी का हाथ झूले में फंस गया है। उन्होंने बेटे को हाथ लगाया ताे उन्हें भी झटका लगा। तुरंत बेटे को अपनी तरफ खीचा। तब तक कनक बेसुध हो गई थी।
उसे काफी देर तक वही लेटाकर माता पिता ने हिलाया। लेकिन जबाव नही देने पर नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरो ने आईसीयू वाले अस्पताल ले जाने की बात की। परिवार जब कालानी नगर के पास दूसरे अस्पताल पहुंचा तो उन्हें एमवाय ले जाने की सलाह दी। देर रात करीब एक बजे के लगभग बच्ची को यहां मृत घोषित कर दिया।
माता दर्शन के लिये पहुंचे परिवार ने बताया कि अष्टमी होने के चलते सभी लोग परिवार सहित बिजासन माता मंदिर पर दर्शन करने गए थे। इस दौरान कनक ओर नयन ने बड़े झूले पर झूलने की बात कही। पिता उन्हें लेकर वहां पहुंचे। लेकिन कुछ ही देर में उनकी खुशियां गम में बदल गई। पवन के मुताबिक वहां ओर लोगो को भी करंट लगा था।
इलेक्ट्रिक का काम काज पवन हातोद के रहने वाले है। उनकी इलेक्ट्रिक की शॉप है। कनक 10वी कक्षा की पढ़ाई कर रही थी।
वहीं बेटा नयन भी तीसरी क्लास का स्टूडेंट है। परिवार ने बताया कि भीड़ होने के चलते मौके पर रात में उन्हें पुलिस की मदद नही मिली। वह काफी देर तक मंदिर पर परेशान होते रहे।
