दिल्ली में बाढ़ के बाद Eye Flu का प्रकोप, लाल या गुलाबी हों आंख तो तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क

By Abhishek Raghuvanshi
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अगर आपकी आंख भी गुलाबी या लाल हो गई है तो आपको तुरंत आंखों के डॉक्टर से सलाह लेकर इलाज कराने की जरूरत है। आजकल अस्पताल में रोज 4-5 मामले कंजंक्टिवाइटिस वायरस यानी आई फ्लू के देखने को मिल रहे हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस बार दिल्ली में भारी बारिश और बाढ़ के कारण जलजमाव की स्थिति काफी ज्यादा देखने को मिली। ऐसे में इस बार दिल्ली में मॉनसून के मौसम में डेंगू के अलावा आंखों के संक्रमण या कंजंक्टिवाइटिस के मामलों में भी अचानक वृद्धि हुई है। अलग-अलग अस्पतालों के डॉक्टरों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मामलों में अचानक उछाल आया है। उधर दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ऐसे में दिल्ली में डेंगू के मामले भी बढ़ रहे हैं। एमसीडी की टीम लगातार दौरा कर रही है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

मैक्स के डॉ. संजय धवन के अनुसार, इस समय पिंक आई के मामले बढ़ गए हैं। इनमें आंखें लाल रहना, आंखों में सजून, किरकिराहट महसूस होना, पानी आना, हल्का पीला डिस्चार्ज होना और सिरदर्द होना आदि लक्षण शामिल हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। उन्होंने बताया कि आंख का सफेद हिस्सा और पलकों की सतह कंजंक्टिवा नाम की एक पतली से झिल्ली से ढकी होती है। इसी झिल्ली में अगर सजून आ जाए या यह लाल पड़ जाए, तो उसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। मॉनसून में वायरस, बैक्टीरिया, क्लैमाइडिया की वजह से संक्रमण होने का डर बना रहता है। इसके लिए तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अगर किसी वजह से कोई डॉक्टर के पास नहीं जा पा रहे हैं तो आइस पैक लगा सकते हैं। इसके अलावा क्लोरैम्फेनिकॉल जैसे आई ड्रॉप का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। लेकिन, बेहतर यही होगा कि किसी भी ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आंखे छूने से तेजी से फैलता है संक्रमण

जनरल फिजिशियन डॉ. अमरेंद्र झा ने बताया कि मॉनसून में ह्यूमिडिटी की वजह से ज्यादा पसीने आने से लोग अपनी आंखों को बार-बार छूते हैं। इससे संक्रमण तेजी से फैलता है। इसे ठीक होने में 5 से 7 दिन का समय लगता है। इसमें इलाज से ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कोई भी कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित मरीज अगर सिर्फ लगातार अपनी आंखों को गर्म कपड़े से सेंके और साफ पानी से आंख साफ करता रहे, तो आसानी से बिना दवा खाए भी ठीक हो सकता। हालांकि, यह संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए, संक्रमित मरीजों को काला चश्मा पहने के लिए कहा जाता है। ताकि दूसरे लोगों में यह बीमारी ना फैले। बैक्टीरियल लोड कम होता है, तो दवाई की जरूरत नहीं पड़ती।

ऐसे रखें आंखों का ख्याल

  • आंखों को ठंडे पानी से साफ करें
  • तौलिये और नैपकिन शेयर करने से बचें
  • आंखों को गंदे हाथों से ना छुएं
  • कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करने से बचें
  • रुमाल, तौलिया आदि को शेयर ना करें
  • कंजंक्टिवाइटिस पीड़ित मरीजों से दूरी बनाकर रखें
  • अगर आपके घर में कोई कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित है, तो उनकी मदद के बाद तुरंत हाथ साफ करें
  • स्वीमिंग से बचें
  • धूल, केमिकल और तेज धूप से बचें
  • आंखों पर काला चश्मा लगाएं
  • भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें
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