सितंबर का महीना भारत के सामर्थ्य का गवाह बनने वाला है. क्योंकि अगले महीने 9 से 10 सितंबर के बीच G-20 का शिखर सम्मेलन होगा, वो भी देश की राजधानी दिल्ली में. इस आयोजन में भाग लेने के लिए 40 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वैश्विक संगठनों से जुड़े डेलीगेट्स दिल्ली आएंगे, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक शामिल हैं. इसके साथ-साथ सुरक्षा के भी कड़े बदोबस्त किए गए हैं.
बैठक में शामिल होने के लिए आने वाले मेहमानों की सिक्योरिटी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. एयरपोर्ट से लेकर होटल और बैठक वाली जगह तक मेहमानों को पहुंचाने के लिए खास रोडमैप तैयार किया गया है. चप्पे-चप्पे पर हथियारों से लैस कमांडो की तैनाती रहेगी. वहीं खासतौर पर VVIP के लिए स्पेशल लेडी कमांडो की भी मुस्तैदी रहेगी. कितना अभेद्य है दिल्ली का सुरक्षा चक्र? आइए बताते हैं.
500 से ज्यादा स्पेशल कमांडो की तैनाती रहेगी
G-20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल के आसपास 500 से ज्यादा स्पेशल कमांडो की तैनाती रहेगी. वहीं, 300 बुलेट प्रूफ वाहन, CRPF की स्पेशल 50 टीमें, लेडी कमांडो ब्रिगेड और इसके साथ-साथ दिल्ली पुलिस के बड़े अफसर और सैकड़ों जवान दिल्ली की सुरक्षा की कमान संभालेंगे
राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियां, बल्कि जांच एजेंसियां भी जबरदस्त तैयारी कर रही हैं. G20 सम्मेलन में दिल्ली का सुरक्षा चक्र अभेद्य हो जाएगा, जिसे परिंदा भी पार कर नहीं पाएगा. एयरपोर्ट से लेकर होटल तक जहां से भी विदेशी मेहमान गुजरेंगे, वहां किसी आम नागरिक का आना-जाना पूरी तरह से निषेध होगा. यानी G-20 समिट के दौरान नई दिल्ली के कुछ इलाकों में टोटल लॉकडाउन जैसे हालात होंगे.
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
G20 के दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से एक ट्रैफिक एडवाइजरी बनाई गई है, जिसके तहत NDMC और नई दिल्ली एरिया के कुछ इलाके पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे. इन इलाकों में बसों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी. बार्डर पर कमर्शियल वाहनों की एंट्री बेन होगी. हालांकि, मेट्रो की आवाजाही सुचारू रूप से चलती रहेगी. मेडिकल सर्विसेज पर किसी भी तरह की रोक नहीं होगी.
जिन्हें परमिशन है, जिनके पास एंट्री पास है, उन्हें छोड़ कोई भी नई दिल्ली की हाई सेंसेटिव जोन में दाखिल नहीं हो सकेगा. सिर्फ जरूरत से जुड़ी चीजो की डिलीवरी के वाहनों को निर्धारित स्थान तक एंट्री होगी. दिल्ली पुलिस की तरफ से G20 के लिए एक वर्चुअल हेल्प डेस्क बनाया जाएगा, इसमें यूज़र्स अपने अपने हिसाब से जानकारियां हासिल कर सकते हैं.
7 सितंबर से विदेशी मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू होगा
7 सितंबर से विदेशी मेहमानों और डेलीगेशन के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. लिहाजा उससे पहले IGI एयरपोर्ट पर दिल्ली पुलिस टीम खास तरह की मॉक ड्रिल कर रही है. एयरपोर्ट पर G-20 डेलिगेट्स का स्वागत परंपरागत भारतीय अन्दाज़ में किया जाएगा. इसके लिए लोक गायक और कलाकारों को सेरेमोनियल लाउंज और डिलेगेट्स के एग्जिट रूट रखा गया है.
दिल्ली एयरपोर्ट क्षेत्र में दस हज़ार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएंगे. इसके अलावा पंद्रह सौ सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा. सुरक्षा के लिहाज़ से विदेशी मेहमानों के ठहरने के पूरी जानकारी तो अब तक नहीं बतायी गयी है.
