दो दिनों तक बेटी निक्की से संपर्क नहीं होने पर पिता सुनील उसकी तलाश में निकल पड़े थे। वह हत्यारोपित साहिल के घर भी जा पहुंचे। साहिल के स्वजनों पर दबाव बनाया तो उन्होंने इस मामले में साथ देने का भरोसा तो दिया लेकिन किसी तरह के अनिष्ट की भनक तक नहीं लगने दी। भरोसे पर विश्वास कर पिता सुनील घर लौट आए। उन्होंने पुलिस को शिकायत तक नहीं दी।
मंगलवार को उनके पैरों तले जमीन तब खिसक गई जब दिल्ली पुलिस ने बताया कि उनकी बेटी निक्की की हत्या हो चुकी है। उन्हें क्या पता कि चार दिनों तक बेटी की परिवार से बात नहीं हो पाने का ऐसा दर्दनाक सच सामने आएगा।
साहिल के स्वजनों को दिया था आश्वासन
गांव खेड़ी खुम्मार निवासी सुनील यादव ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि गांव में मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत अक्सर रहती है। दो दिन तो किसी तरह से निकल गए। तीसरे दिन भी जब बात नहीं हुई तो बेटी की तलाश शुरू की।
अथक प्रयासों के बाद वे साहिल गहलोत के घर जा पहुंचे। वहां साहिल के स्वजनों ने आश्वस्त करते हुए कहा कि आप चिंता नहीं करें, हम साथ है। यह (साहिल) खुद ही उसे लेकर आएगा। फिलहाल, गांव खेड़ी में रह रहे स्वजनों को मंगलवार रात तक कुछ भी जानकारी नहीं दी गई।
शादी के तीसरे दिन पत्नी को बताई थी हत्या करने की बात
निक्की की हत्या के बाद अगले दिन साहिल ने बहादुरगढ़ के एक गांव निवासी एक लड़की से शादी की थी। लड़की माता-पिता की इकलौती संतान है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। उसके स्वजन को मंगलवार को पता चला कि साहिल ने एक लड़की का कत्ल किया है। पुलिस का दबाव बढ़ता देख सोमवार रात साहिल ने पत्नी को बताया कि उसने लड़की की हत्या की है। पुलिस उसे पकड़ लेगी इसलिए वह अपने घर चली जाए। मंगलवार सुबह लड़की के स्वजन उसे घर ले गए।
