लोकसभा में पास हुआ दिल्ली सेवा बिल, ‘INDIA’ गठबंधन के नेताओं ने सदन से किया वॉकआउट

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read

दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में ध्वनिमत से पास हो गया है. वोटिंग के दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया. वोटिंग के दौरान जब स्पीकर ओम बिरला बोल रहे थे तब AAP सांसद सुशील कुमार रिंकू ने सत्ता पक्ष के सांसदों पर कागज फाड़कर फेंका. इसके लिए सुशील कुमार रिंकू को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है. सुशील कुमार रिंकू आम आदमी पार्टी के लोकसभा में एक मात्र सांसद हैं. बिल पास होने के बाद लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. बता दें कि दिल्ली सेवा बिल सोमवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

दिल्ली सेवा बिल मौजूदा अध्यादेश की जगह लेगा जो दिल्ली सरकार को अधिकांश सेवाओं पर नियंत्रण देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द कर देगा. यह अध्यादेश अरविंद केजरीवाल की AAP और केंद्र के बीच एक प्रमुख टकराव रहा है.

इस बिल को पास करने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाषण दिया. अमित शाह ने इस दौरान INDIA गठबंधन पर जमकर निशाना साधा. शाह ने कहा अभी तक ये लोग चर्चा के लिए कह रहे थे कि पीएम आएं तब चर्चा होगी लेकिन आज क्या हुआ? आज तो पीएम नहीं आए फिर चर्चा में क्यों हिस्सा लिया? शाह ने कहा कि हम मणिपुर पर चर्चा को तैयार हैं, जितनी लंबी चर्चा करनी है, करें. जवाब मैं दूंगा. 

‘बिल पास होते ही केजरीवाल गठबंधन से बाय बोल देंगे’

- Advertisement -

शाह ने कहा कि ये विपक्षी दल सिर्फ अपना ‘INDIA’ गठबंधन बचाने के लिए एक साथआए हैं. विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि आपके गठबंधन से सुपारी जैसी छोटी पार्टियां छोड़कर ना चलीं जाएं, इसकी चिंता है आपको. कोई तो बोल देता कि हम इसलिए आए हैं कि केजरीवाल गठबंधन से ना चले जाएं. शाह ने कहा कि देखना ये बिल संसद से पास होते ही अरविंद केजरीवाल इस ‘INDIA’ को बाय-बाय बोलकर चले जाएंगे. 

‘हमें भी कानून बनाने का अधिकार’

गृह मंत्री अमित शाह ने बिल के पक्ष में कहा कि ‘अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को संदर्भित करता है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली को लेकर किसी भी मुद्दे पर सरकार को कानून बनाने का अधिकार है. संविधान में भी हमें ये अधिकार दिया गया है.’

‘आप खुद एक्सपोज हो गए…’

विपक्ष पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, ये जनता सब जानती है. आज आपने अपने आप को एक्सपोज किया. सदन जनता को गुमराह करने की जगह नहीं है. शाह ने कहा कि दिल्ली राज्य तक नहीं है. ये एक केंद्र शासित प्रदेश है, उसमें भी राजधानी क्षेत्र है.

चुनाव लड़ने से पहले नियम पढ़ लिए होते तो आज नहीं कहते कि अधिकार नहीं है. हम ने इसको नहीं बनाया है. शाह ने कहा कि इससे पहले झगड़ा नहीं हुआ लेकिन अब झगड़ा करने का स्वभाव ही है तो क्या कर सकते हैं. दिल्ली में मंत्री के सिग्नेचर से कैबिनेट नोट जा रहा है. नियम के हिसाब से कुछ नहीं चल रहा है इसलिए नियम बनाने पड़ रहे हैं.

19 मई को केंद्र सरकार लाई अध्यादेश

गौरतलब है कि 19 मई को केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के आदेश को रद्द करने के लिए एक अध्यादेश पेश किया था, जिसने दिल्ली में निर्वाचित सरकार को नौकरशाहों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को संभालने का अधिकार दिया था. दिल्ली सेवा विधेयक अध्यादेश का स्थान लेने के लिए है.

दिल्ली की AAP सरकार ने विधेयक को अलोकतांत्रिक बताया. AAP ने भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर कानून के शासन को खत्म करने और राजधानी में अधिकारियों का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का प्रयास करने का आरोप लगाया है.

Exit mobile version