दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन से पहले पकड़े गए स्ट्रीट डॉग का मामला हाई कोर्ट पहुंचा

By Abhishek Raghuvanshi
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स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और हाल ही में जी20 शिखर सम्मेलन, 2023 जैसे विशेष आयोजनों के दौरान दिल्ली में स्ट्रीट डॉग को पकड़ने और बाद में छोड़ने के लिए एमसीडी द्वारा अपनाए गए तंत्र पर ध्यान आकर्षित करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका दायर की गई है.

याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि कुत्तों को पकड़ने और छोड़ने के लिए उचित तंत्र पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के तहत निर्धारित किया गया है और अधिकारियों द्वारा इसका पालन किया जाना चाहिए. नियम यह कहता है कि कुत्तों को पकड़ने के तुरंत बाद नंबर वाले कॉलर से उनकी पहचान की जानी चाहिए, ताकि उचित रिकॉर्ड बनाए रखा जा सके. जिससे बाद में उन्हें उसी इलाके में छोड़ने की सुविधा मिल सके जहां से उन्हें पकड़ा गया था.

एमसीडी ने हाई कोर्ट को बताया कि जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए पकड़े गए कुत्तों को एबीसी नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की सहायता से रिहा करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिकारियों को स्ट्रीट डॉग के कुत्तों को पकड़ने और छोड़ने के दौरान पशु नियंत्रण नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

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भारत की जी20 की अध्यक्षता से कई ठोस नतीजे सुनिश्चित होने के बीच दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनके निर्णायक नेतृत्व और वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाने के लिए सराहना की. 

विश्व नेताओं ने भी भारत के आतिथ्य की सराहना की और एक सफल शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की. सूत्रों के मुताबिक एक बैठक में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि भारत के नेतृत्व में, हमने देखा है कि हम एक साथ आ सकते हैं, ऐसे समय में जब यह वास्तव में मायने रखता है. जब आप ‘भारत मंडपम’ में घूमते हैं और इसमें डिस्पले देखते हैं तो हम पता चलता है कि पीएम मोदी, डिजिटल पहल और टेक्नोलॉजी क्या कर सकते हैं. इसके जरिए हमारे देशों के दूरदराज के कोनों में भी लोगों तक सेवाएं पहुंचाई जा सकती है. 

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