दिल्ली में कोरोना के मामले में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राजधानी पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1149 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, 677 मरीज ठीक हुए और एक की मौत हुई है। वहीं, मंगलवार की तुलना में संक्रमण दर में कमी देखने को मिली है।
दिल्ली सरकार महिलाओं की तरह दिल्ली में पंजीकृत लाखों निर्माण श्रमिकों को भी डीटीसी बसों में निश्शुल्क सफर का तोहफा दे सकती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने श्रम विभाग को डीटीसी से बात कर इसकी संभावना तलाशने का निर्देश दिया है। अगर यह संभव होता है, तो दिल्ली सरकार बस पास के बदले डीटीसी को एक तय शुल्क का भुगतान करेगी ताकि उसको आर्थिक नुकसान न हो। इसके अलावा वकीलों की तरह निर्माण श्रमिकों को भी ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने विभाग को इसका भी आंकलन करने को कहा है। सीएम ने कहा है कि निर्माण श्रमिकों में प्लंबर, कारपेंटर और इलेक्ट्रिशियन आदि भी शामिल हैं। बुधवार को श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने ये दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग धनराशि का सकारात्मक और प्रभावी उपयोग करे ताकि पंजीकृत श्रमिकों को लाभ मिल सके। बैठक में श्रम मंत्री राज कुमार आनंद और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने सीएम को दिल्ली बिल्डिंग एंड अन्य कंस्ट्रक्शन वर्कर्स एक्ट 1996 और इससे जुड़े नियमों के बारे में जानकारी दी।
दिल्ली में हैं 13.4 लाख पंजीकृत श्रमिक
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली बिल्डिंग एंड अन्य कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड से 13.4 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। अप्रैल महीने से इनका नवीनीकरण किया जाएगा। इनमें से लगभग 5.36 लाख कर्मचारी किसी भी समय राज्य में काम करने के लिए मौजूद हैं। पंजीकरण के लिए जागरूक करने पर दिया जोर: सीएम ने कहा कि निर्माण श्रमिकों की परिभाषा बहुत व्यापक है और प्लंबर, कारपेंटर और इलेक्ट्रिशियन सभी इसमें हैं। यदि योजनाओं का ठीक से प्रचार-प्रसार किया जाए तो लगभग 25-30 लाख श्रमिक दिल्ली बिल्डिंग एंड अन्य कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड से पंजीकृत हो सकते हैं।
करीब 23.5 लाख श्रमिक केंद्र के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं, लेकिन उन्हें वहां कोई लाभ नहीं मिलता है। हमने अपने श्रमिकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन कई लोग इसका लाभ लेने के लिए आगे नहीं आते हैं। श्रमिकों का समय पर और त्वरित सत्यापन बहुत जरूरी है। साथ ही अधिक से अधिक जागरूकता पैदा करने की भी आवश्यकता है
निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग की होगी व्यवस्था: सीएम
सीएम अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक में जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना की तर्ज पर निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभाग से पाठ्यक्रम आधारित छात्रवृत्ति की अधिकतम सीमा हटाने को भी कहा है। उन्होंने कहा है कि इस निर्धारित सहायता के बजाय विभाग को छात्रों को राहत देने के लिए वास्तविक जरूरत के अनुसार भुगतान करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आवेदन पर आधारित योजनाएं श्रमिकों के आवेदन करने पर निर्भर करती हैं।
