- कल रात करीब 2 बजे वह इस दुनिया को अलविदा कह गए। अभिनेता के निधन से सिनेमा जगत को गहरा झटका लगा है।
मुंबई. आखिरकार लंबी बीमारी के बाद जूनियर महमूद ने 67 साल की उम्र में दुनिया से अलविदा कह दिया. हर शख्स बीते कुछ समय से उनकी सलामती की दुआ कर रहा था लेकिन कैंसर की जंग से वे ज्यादा लड़ ना सके. खबरों के मुताबिक बीती गुरुवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली. जूनियर महमूद के दोस्त सलाम काजी ने उनके निधन की पुष्टि की है.
जूनियर महमूद लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे. बीते दिनों उन्होंने अपने दोस्तों जितेंद्र और सचिन पिलगाउंकर से मिलने की इच्छा जताई थी. उनकी इच्छा पर दोनों कलाकार खास तौर पर उनसे मिलने पहुंचे थे. जूनियर महमूद की हालत देख जितेंद्र की आंखें नम हो गई थीं. ई टाइम्स से हुई बातचीत में जूनियर महमूद के दोस्त सलाम काजी ने जूनियर महमूद के गुजर जाने की पुष्टि की है.
दोस्त सलाम काजी के मुताबिक, महमूद के लंग्स और लीवर में कैंसर था. साथ ही आंत में ट्यूमर भी सामने आया था. डॉक्टर्स का कहना था कि उनका कैंसर चौथी स्टेज पर था और इसी वजह से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी. बीते कुछ दिनों से जूनियर महमूद लाइफ सपोर्ट पर थे. काजी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 12 बजे जूनियर महमूद का सांता क्रूज वेस्ट में अंतिम संस्कार (Junior Mehmood last rites) किया जाएगा
जूनियर महमूद यानी नईम सैय्यद का जन्म 15 नवम्बर 1956 को हुआ था. 7 भाषाओं में 265 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया था. साथ ही कई मराठी फिल्में भी निर्देशित की थीं. ‘ब्रह्मचारी’, ‘दो रास्ते’, ‘आन मिलो सजना’, ‘हाथी मेरे साथी’, ‘कटी पतंग’, ‘हरे राम हरे कृष्णा’, ‘जौहर महमूद इन हॉन्ग कॉन्ग’, ‘बॉम्बे टू गोवा’, ‘गुरु और चेला’ आदि उनकी कुछ खास फिल्में रहीं.
