क्राइम ब्रांच के दागियों पर अपराध शाखा के डीसीपी निमिष अग्रवाल की टेड़ी नजर है। गड़बड़ी करने वालों को तत्काल बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। ताजा मामला उन तीन पुलिसकर्मियों से जुड़ा है जो डीसीपी की बगल में ही गड़बड़ी कर रहे थे। शिकायत मिली थी कि एक पुलिसकर्मी नशा करने वाली युवतियों और महिलाओं से संबंध रखता है। जब मर्जी आए तब उनके पास पहुंच जाता है। एक पुलिसकर्मी उस महत्वपूर्ण शाखा में बैठता है जिसके जिम्मे तकनीकी जानकारी जुटाना है। गुम और चोरी फोन एकत्र करने की आड़ में जेल रोड के दुकानदारों से खूब शुभ-लाभ करता है। एसआइ स्तर का अफसर तो नार्को हेल्प लाइन पर मिलने वाली शिकायतों में ही हाथ की सफाई दिखा जाता है। खास बात यह कि छोटे अफसरों को जानकारी होने के बाद भी उनकी सेहत पर फर्क नहीं पड़ा। मामला डीसीपी तक पहुंचा तो तुरंत लाइन अटैच कर दिया।
