दक्षिणी भारत में साइक्लोन मिगजॉम ने चेन्नई से लेकर उड़ीसा तक खूब कहर बरपाया. बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले. तो क्या इस चक्रवात का असर दिल्ली और आसपास के उत्तरी राज्यों में भी देखने को मिलने वाला है और दिल्ली में सर्दी के इस मौसम में बारिश की संभावना बनने वाली है या नहीं. मौसम विभाग कह रहा है कि साइक्लोन की वज़ह से दिल्ली में कोई असर नहीं होगा, ना ही हवाओं की स्थिति बदलेगी और ना ही बारिश का असर उड़ीसा के उत्तर में बहुत ज़्यादा दिखाई देगा.
मौसम विभग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा का कहना है, “चक्रवातीय सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि दिल्ली और आस-पास के इलाकों में इसका कोई असर हो. मिगजॉम की वज़ह से दिल्ली या उत्तरी भारत के किसी भी इलाके में बारिश नहीं होगी.”
उत्तर भारत में आने वाला है कोहरे का कोहराम
चक्रवातीय स्थितियों के कारण दिल्ली में बारिश बेशक ना हो लेकिन उत्तरी भारत में कोहरे का कहर अगले एक हफ्ते में दिखने की पूरी आशंका है. भारतीय मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक आर के जेनामनी कहते हैं “पिछले दिनों उत्तरी भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा था. जिसकी वज़ह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार को बारिश भी हुई थी. वो सिस्टम आगे बढ़कर नेपाल तो पहुंच गया है लेकिन नमी उत्तर भारत में बरकरार है. जिसकी वज़ह से अगले एक हफ्ते तक पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश में कोहरे की चेतावनी जारी की जा रही है. लेकिन बात सिर्फ कोहरे तक ही रहेगी क्योंकि अगले एक हफ्ते में दिल्ली में बारिश की संभावना न के बराबर है. तापमान भी लगभग सामान्य रहेगा यानि रात और सुबह में 10 डिग्री सेल्सियस तो वहीं दिन में 23 से 24 डिग्री तक तापमान बने रहने का अनुमान है.”
कब होगी दिल्ली में अगली बारिश?
मौजूदा शुष्क मौसम लगभग एक हफ्ते तक बना रहेगा. 11 दिसंबर को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस हिमालय के ऊपरी इलाकों में सक्रिय हो जाएगा. जिसकी वज़ह से 13 दिसंबर के आस-पास पूरे उत्तरी भारत में बारिश का अनुमान जताया जा रहा है. बारिश होने के बाद एक बार फिर से तापमान में गिरावट होने की संभावना है. तो अगले कुछ दिनों तक कोहरे से सावधान रहना होगा और जैसे ही कोहरे से राहत मिलेगी बारिश भी उत्तरी भारत का रुख करेगी. हालांकि मौसम विभाग ने पूर्वानुमान किया है कि इस साल भयंकर ठंड कम दिनों तक पड़ेगी क्योंकि एल-नीनो की वज़ह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है. शीत लहर और कोल्ड-डे कंडीशन में भी इस साल कमी दर्ज की जाएगी.
