एअर इंडिया की फ्लाइट में सवार एक व्यक्ति ने बिजनेस क्लास में सफर कर रही बुजुर्ग महिला पर पेशाब कर दी। घटना पिछले साल 26 नवंबर की है। इस घटना पर एयरलाइन ने कोई एक्शन नहीं लिया। बुजुर्ग महिला ने टाटा ग्रुप के चेयरमैन से शिकायत की तब जाकर एयरलाइन के अफसर एक्टिव हुए और दिल्ली पुलिस में FIR कराई और जांच पूरी होने तक आरोपी के हवाई यात्रा करने पर रोक लगा दी।
मामला चर्चा में आने के बाद विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन से घटना की रिपोर्ट मांगी है। DGCA ने कहा- हम एयरलाइन से रिपोर्ट मांग रहे हैं और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
आरोपी यात्री पर 30 दिन का बैन, नो फ्लाई लिस्ट में रखा
एअर इंडिया ने 28 दिसंबर को दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें बताया गया है कि फ्लाइट न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली आ रही थी। इस घटना के बाद, एअर इंडिया ने एक इंटरनल कमेटी बनाई, जिसने आरोपी यात्री को नो-फ्लाई लिस्ट में रखने की सिफारिश की।
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि यात्री पर 30 दिन तक सफर करने पर बैन लगा दिया गया है। दोषी पाए जाने पर और कार्रवाई की जाएगी।
नशे में इतना धुत था कि पेशाब करने के बाद भी नहीं हटा
रिपोर्ट्स के मुताबिक लंच के बाद फ्लाइट में रोशनी कम थी। कुछ लोगों को महसूस हुआ कि शख्स महिला पर पेशाब कर रहा है। इतना ही नहीं, इसके बाद भी आदमी तब तक नहीं हिला जब तक कि दूसरे पैसेंजर ने उसे जाने के लिए नहीं कहा।
उधर महिला ने क्रू से बताया कि उसके कपड़े, जूते और बैग पेशाब में भीग गए हैं, तो क्रू मेम्बर ने उन्हें कपड़े और चप्पलें देकर अपनी सीट पर लौटने को कह दिया। वहीं, प्लेन दिल्ली लैंड होने के बाद आरोपी पैसेंजर बिना किसी एक्शन के बाहर निकल गया।
जब महिला ने लिखी टाटा ग्रुप को चिट्ठी, तब सामने आई घटना
रिपोर्ट के मुताबिक घटना तब सामने आई जब पीड़ित महिला ने टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन को चिट्ठी लिखी। महिला ने चिट्ठी में लिखा कि वह गंदी सीट पर नहीं बैठना चाहती थी। इसलिए उसे दूसरी सीट दी गई। एक घंटे के बाद उसे अपनी सीट पर वापस जाने को कहा गया। उसकी सीट चादरों से ढंकी हुई थी, लेकिन वहां पेशाब की बदबू आ रही थी।
महिला का आरोप है कि बिजनेस क्लास की कई सीटें खाली होने के बावजूद पहले उसे दूसरी केबिन सीट नहीं दी गई थी। क्रू ने वहां कीटाणुनाशक छिड़का, लेकिन महिला ने वही सीट लेने का विरोध किया, तब जाकर उसे दूसरी सीट दी गई।
