अडाणी मामले में विपक्ष का पैदल मार्च थोड़ी देर में:ED दफ्तर जाकर जांच की मांग करेगा, शिकायती चिट्‌ठी में 16 दलों के सांसदों के दस्तखत

By Abhishek Raghuvanshi
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पार्लियामेंट ऑफिस में विपक्षी दलों की बैठक हुई।

संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे की वजह से दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष के नेताओं ने अडाणी मामले की JPC से जांच की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीं सत्ता पक्ष ने लंदन में राहुल गांधी के दिए बयान पर माफी की मांग की। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को भी संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई।

सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पार्लियामेंट ऑफिस में विपक्ष के 16 दलों की बैठक हुई। इसमें अडाणी मामले पर JPC की मांग और ED और CBI के दुरुपयोग को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध करने पर सहमति बनी।

विपक्षी दल थोड़ी देर में ED ऑफिस तक पैदल मार्च करेंगे और जांच एजेंसी को अडाणी मामले की शिकायत करेंगे। इस शिकायती चिट्‌ठी में 16 दलों के सांसदों के दस्तखत हैं। इसमें अडाणी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर जांच की मांग की गई है। मार्च को देखते हुए पुलिस ने विजय चौक पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

ममता बनर्जी के सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

राहुल विदेश से लौटे, सत्र में शामिल हो सकते हैं
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी आज विदेश से लौट आए हैं और संसद सत्र में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि राहुल मार्च की शुरुआत में 7 दिन के ब्रिटेन दौरे पर थे। उसके बाद वो कहां गए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

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TMC ने बताई कांग्रेस के साथ न आने की वजह
​​​​​​​अडाणी मामले और ED-CBI की कार्रवाई को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी TMC के सांसद कांग्रेस और विपक्ष के अन्य दलों से अलग प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर TMC सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कि सत्ता पक्ष हो या मुख्य विपक्षी दल, दोनों एक-दूसरे के खिलाफ हैं। बंगाल में कांग्रेस पार्टी भाजपा और CPM के साथ मिली हुई है, इसलिए हम कांग्रेस नेताओं द्वारा बुलाई गई बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं।

vअडानी-हिंडनबर्ग मामले यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के श्रीनिवास बी वी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

भाजपा राहुल गांधी से माफी की मांग कर रही
पिछले दो दिनों से भाजपा राहुल गांधी के कैंब्रिज में दिए बयान पर माफी की मांग कर रही है। जिस पर मंगलवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि राहुल ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में ऐसा कुछ नहीं कहा जिसके लिए माफी की जरूरत हो। प्रधानमंत्री ने विदेशों में राहुल से कहीं ज्यादा बढ़कर बयान दिए हैं। विदेशों में इस तरह की चर्चाओं की शुरुआत भाजपा ने की है, कांग्रेस ने नहीं।

अधीर रंजन चौधरी बोले- राहुल नहीं, सरकार माफी मांगे
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को कहा कि सरकार संसद नहीं चलाना चाहती। क्या कभी ऐसा देखा गया है कि सत्ताधारी दल के सभी सदस्य संसद को रोकने के लिए हंगामा करते हों? उन्हें (केंद्र को) माफी मांगनी चाहिए।

जयराम रमेश बोले- ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा- मोदी सरकार संयुक्त विपक्ष को PM से जुड़े अडाणी महा घोटाले के लिए JPC की मांग रखने तक की इजाजत नहीं दे रही है। जिसका परिणाम है कि संसद में लगातार गतिरोध बना हुआ है। यही एकमात्र मुद्दा है। बाकी जो हो रहा है वो PM और उनके सहयोगियों द्वारा ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

राहुल ने कैंब्रिज में कहा था- भारत की संसद में माइक बंद कर दिए जाते हैं
इस महीने की शुरुआत में राहुल गांधी लंदन दौरे पर थे। यहां उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कहा था कि भारत की संसद में माइक बंद कर दिए जाते हैं। विपक्ष अपनी आवाज नहीं रख सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कोई नेता किसी भी यूनिवर्सिटी में बोल नहीं सकता है। भारत में लोकतंत्र पर सीधा प्रहार हो रहा है

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