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नवलखा बस स्टैंड पर लगी आग:बस पूरी तरह जली, इंदौर से अहमदाबाद के बीच चलती है बस
इंदौर के नवलखा बस स्टैंड पर मंगलवार सुबह एक बस में आग लग गई। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर जाकर काबू कर लिया।
TimeNews Desk
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इंदौर के नवलखा बस स्टैंड पर मंगलवार सुबह एक बस में आग लग गई। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर जाकर काबू कर लिया।
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चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतगणना केंद्रों में VIP लोगों को प्रवेश नहीं मिलेगा। राज्य के मंत्री हो या फिर केंद्र के मंत्री मतगणना केंद्रों में उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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शरीर के काफी अंदर तक घुस गए थे तीर, पांच घंटे चली सर्जरी। अब पूरी तरह स्वस्थ है मरीज। 60 वर्षीय मरीज के पेट, जांघ और हाथ में लगे थे तीर। इसके कारण वह हो गया था बेहोश।
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चंदन नगर थाना क्षेत्र में चूहे को देखकर ढाई साल का मासूम बच्चा घबरा गया और उसने गर्म पानी की बाल्टी गिरा दी।
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हादसे के दौरान घर का सारा सामान भी जल गया। भिंड का रहने वाला युवक इंदौर में गार्ड की नौकरी करता था। विजय नगर थाना क्षेत्र में गैस रिसाव के कारण आग लग गई थी।
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महिराज गृह निर्माण सहकारी संस्था जमीन घोटाले में करोड़ों की धांधली सामने आई है। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू कर दी है।
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दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस 15 दिन बाद भी आरोपित को नहीं ढूंढ सकी है।
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तिलक नगर थाने में सीमा शर्मा और उसके भाई सुनील शर्मा ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस में धारा 380 आईपीसी का केस दर्ज किया था रिपोर्ट में सुनील की पत्नी रचना शर्मा और उसके छोटे भाई लोकेश दोनों निवासी महावीर बाग को संदेही बताया था थानेदार और उस वक्त के तत्कालीन टीआई सुरेंद्र सिंह पूरे मामले की जांच कर रहे थे पूछताछ के लिए उन्होंने रचना और उसके छोटे भाई यश उर्फ लोकेश को थाने में बुलाया था आरोप थे कि फरियादी सीमा शर्मा के सामने ही सिपाही कुलदीप यादव और सिपाही अर्पिता भदोरिया ने रचना और उसके छोटे भाई यश उर्फ लोकेश के साथ थाने में पिटाई की थी अर्पिता पर रचना को पीटने का आरोप था और कुलदीप पर यश उर्फ लोकेश की पिटाई का आरोप था पूरे मामले में रचना और यश के द्वारा पुलिसकर्मियों की शिकायतों के बाद पुलिस ने पहले तो दोनो सिपाही पर धारा 294 323 330 और 34 आईपीसी का प्रकरण दर्ज किया ।
MadhyaPradesh
एंकर/- मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव मतदान के बाद पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं को पद और पार्टी से निष्कासित करने का सिलसिला लगातार जारी है।