विदेश मंत्री जयशंकर 2 दिन के दौरे पर रूस पहुंचे:रूसी विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे, यूक्रेन जंग पर हो सकती है चर्चा

By Abhishek Raghuvanshi
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर आज सुबह 2 दिवसीय दौरे पर रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे। वे रूसी विदेश सर्गेई लावरोव और डिप्टी PM डेनिस मंटुरोव से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय संबंधों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंडे पर चर्चा करेंगे। रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद जयशंकर की ये पहली विजिट है।

जयशंकर की रूस यात्रा को जंग खत्म कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इस पर अभी तक भारत की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जयशंकर का राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात का कोई प्लान नहीं है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि भारत रूसी विदेश मंत्री से साफ तौर पर एक बार फिर ‘आज का युग युद्ध का नहीं’ कह सकता है।

जुलाई 2021 में एस जयशंकर मॉस्को गए थे। उस दौरान भी उन्होंने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी।

आज का युग युद्ध का नहीं : PM मोदी
सितंबर 2022 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में हुई SCO की मीटिंग से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात की थी। दोनों के बीच हुई करीब 50 मिनट बातचीत में PM मोदी ने कहा था- आज का युग जंग का नहीं है। हमने फोन पर कई बार इस बारे में बात भी की है कि लोकतंत्र कूटनीति और संवाद से चलता है।

पुतिन ने मोदी से कहा- यूक्रेन पर आपकी चिंताओं से वाकिफ
मुलाकात के दौरान पुतिन ने मोदी से कहा था- मैं यूक्रेन से जंग पर आपकी स्थिति और आपकी चिंताओं से वाकिफ हूं। हम चाहते हैं कि यह सब जल्द से जल्द खत्म हो। हम आपको वहां क्या हो रहा है, इसकी जानकारी देते रहेंगे।

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शांति के समर्थन में भारत
24 फरवरी को शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग के बाद से प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से कई बार फोन पर बात कर चुके हैं। अक्टूबर में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था- कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता। भारत शांति के किसी भी प्रयास में योगदान देने को तैयार है।

जंग खत्म हो, यही हमारा मकसद
जून 2022 में एस.जयशंकर ने यूरोप के स्लोवाकिया विजिट के दौरान कहा था- रूस-यूक्रेन युद्ध में हम पहले दिन से कह रहे हैं कि युद्ध विराम हो। दोनों देशों को बातचीत के जरिए शांति के रास्ते पर आना चाहिए। युद्ध कोई विकल्प नहीं है

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