केटनजी ब्राउन जैक्सन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला जज बन गई हैं। गुरुवार रात उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। उनके नाम की सिफारिश राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की थी। सीनेट ने इस पर मुहर लगाई।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज स्टीफन ब्रेयर 30 जून को ही रिटायर हुए हैं। खास बात यह है कि केटनजी इन्हीं जस्टिस ब्रेयर के स्टाफ में हेड क्लर्क थीं। अब वो अपने बॉस की कुर्सी पर बैठेंगी। वैसे रोचक बात यह भी है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अब तक तीन जज ऐसे हुए हैं, जो किसी न किसी वक्त वहां क्लैरिकल जॉब्स कर चुके हैं।
84 साल के जस्टिस ब्रेयर सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं। उन्हें 1994 में तब के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नॉमिनेट किया था। सीनेट ने इसे मंजूरी दी थी।
51 साल की हैं केटनजी
जस्टिस ब्राउन की उम्र 51 साल है। अमेरिका में जज लाइफटाइम के लिए अपॉइंट होते हैं। यहां कंजर्वेटिव और लिबरल खेमे में बंटी न्यायपालिका है। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट 1789 में बना था। तब यहां जजों की संख्या 6 हुआ करती थी। अब यह 9 है। केटनजी सुप्रीम कोर्ट की 116वीं जज हैं। वो कोलंबिया सर्किट से आती हैं।
अप्रैल में जैक्सन के नाम पर सीनेट में मुहर लगी थी। तब उनके पक्ष में 53 और विरोध में 47 वोट पड़े थे। खास बात यह है कि 3 रिपब्लिकन सांसदों ने भी केटनजी के नाम को मंजूरी दी थी। जो बाइडेन ने दो साल पहले अपने इलेक्शन कैंपेन में वादा किया था कि वो सुप्रीम कोर्ट में किसी काबिल अश्वेत महिला जज को नॉमिनेट करेंगे। तब डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति थे और उन्होंने इसे चुनावी शिगूफा करार दिया था।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पर एक नजर
- आर्टिकल 3 के तहत सुप्रीम कोर्ट की स्थापना 1789 में हुई।
- पहले 6 जज हुआ करते थे। ये सिर्फ तीन हालात में पद से हट सकते हैं। पहला- मौत होने पर। दूसरा- रिटायरमेंट मांगने पर। तीसरा- महाभियोग द्वारा।
- अब तक कुल 116 जस्टिस बनाए गए हैं। इनमें से 108 श्वेत हैं। यानी अश्वेतों की संख्या बेहद कम रही।
कैसे होती है जजों की नियुक्ति
- प्रेसिडेंट किसी सर्किट जज को नॉमिनेट करते हैं।
- दो लेवल पर उसकी जांच होती है। पहली- सीनेट करती है। दूसरी- FBI करती है।
- सीनेटर क्लोज डोर मीटिंग करती है। यह कई घंटे चल सकती है।
- 22 मेंबर वाली ज्युडीशियल कमेटी पब्लिक हियरिंग करती है। इसके बाद सीनेट में वोटिंग होती है।
- अगर पक्ष और विपक्ष में बराबर वोट पड़ते हैं तो वाइस प्रेसिडेंट का वोट निर्णायक होता है।
