शहर के सबसे बड़े और पुराने सरकारी अस्पताल में एंबुलेंस का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, यहां पर अपराधिक प्रवृत्ति के एंबुलेंस संचालक मरीज के साथ-साथ अब अपने साथ में एंबुलेंस चलाने वालों पर भी रौब दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। रिजवान एंबुलेंस संचालकों की शिकायत पुलिस तक पहुंची है जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर कार्रवाई भी कर दी है।
दरअसल मेडिकल हब बन चुके, इंदौर शहर में लोग दूर-दूर से इलाज कराने पहुंचते रहे हैं, खासकर यहां के सबसे पुराने और बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव होलकर के इलाज की तारीफों की चर्चा देश के कई बड़े राज्यों तक होती रही है। लेकिन इस ख्याति को अब बट्टा लगा रही, एंबुलेंस संचालकों के अपराधिक तत्व वाली छवि पर पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, क्योंकि यहां पर एंबुलेंस विवाद आए दिन सामने आते हैं, एंबुलेंस संचालक अपने मनमाफिक किराया वसूली को लेकर शहर में मरीजों से पैसा वसूली कर ही लेते हैं, साथ ही कम पैसे में मरीजों को पहुंचाने वाले साथी एंबुलेंस संचालकों को भी धमकाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसकी शिकायत इस बार इंदौर के संयोगितागंज थाने तक जा पहुंची है, इसके बाद थाना प्रभारी तहजीब काजी ने आरोपी शानू खान और अली खान पर धारा 151 की कार्रवाई कर हिदायत दे दी है। साथ ही अस्पताल प्रबंध को एंबुलेंस के किराए की अवैध वसूली पर विधिवत कार्रवाई कर, व्यवस्थित व्यवस्था करने के लिए एक पत्र भी लिख दिया है।
गौरतलब है कि इंदौर शहर में इसके पूर्व में भी प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल यानी महाराजा यशवंतराव, एमवाय हॉस्पिटल में एंबुलेंस संचालकों के बीच गोलीकांड तक हो चुका है , इस विवाद में कई अपराधिक तत्वों पर पुलिस ने रासुका तक कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बाद भी प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
