स्वर्गीय अब्दुल वाहिद खान नगर निगम में ड्राइवर रहे हैं.. अब्दुल वाहिद खान ने कोरोना काल में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी की थी.. वर्ष 2020 में उनकी मृत्यु हो गई… अब्दुल वाहिद खान का एक प्लाट एवं उसी के कुछ भाग पर बना हुआ मकान दौलताबाद कॉलोनी खजराना में है… अब्दुल वाहिद खान स्वयं अपने परिवार के साथ जूना रिसाला में रहते थे, अपनी निर्धन बहन की मदद की खातिर उन्होंने दौलताबाद खजराना के उक्त मकान को नाम मात्र के किराए पर अपनी सगी बहन शाहिदा बी पति नजमुद्दीन को रहने के लिए दिया था… उक्त मकान की लंबाई एवं चौड़ाई 33 बाय 30 फिट होकर कुल 990 स्क्वायर फीट है… जिसमें 450 स्क्वेयर फिट पर मकान बना हुआ है,शेष प्लाट का हिस्सा है… उक्त भूभाग को स्वर्गीय अब्दुल वाहिद खान ने वर्ष 2005 में पंजीकृत नोटरी दस्तावेजसीरियल क्रमांक 835/5 के माध्यम से क्रय किया था… अब्दुल वाहिद खान के मरते ही उनकी बहन ने नाम मात्र का किराया देना भी बंद कर दिया और हाल ही में फर्जी नोटरी बनवा कर संपूर्ण मकान एवं प्लाट अपना स्वामित्व बताकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया… पीड़िता रोशन बी पति स्वर्गीय अब्दुल वाहिद खान को मामले की जानकारी लगते ही उन्होंने तत्काल खजराना थाने में इसकी शिकायत की और निर्माण कार्य रुकवाया… अब मकान पर कब्जा करने वाली ननंद शाहिदा बी रोशन बी को धमकी दे रही है… रोशन बी की 5 बेटियां हैं… गुरुवार को रोशन बी की गर्भवती बेटी फरहा खान अपनी मां को न्याय दिलाने के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंची… फरहा का कहना है कि उसकी वृद्ध मां अत्यंत निर्धन भी है और ऐसे में हमारे मरहूम पिताजी के मालिकाना हक के प्लाट-मकान की फर्जी नोटरी एवं निर्माण कार्य से पूरा परिवार परेशानी में आ गया है।
