इंदौर में आत्महत्याओं के मामलों में लगातार इजाफा होता जा रहा है इसी कड़ी में इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के नंद बाग में रहने वाले एक 14 वर्षीय बच्चे ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली फिलहाल पूरे मामले में पुलिस काफी बारीकी से जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है।वही जांच में यह बात सामने आई कि मृतक बच्चा दोस्तो के साथ खेल रहा था और उसी दौरान यह घटना घटित हो गई।
पूरा मामला इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र का है बाणगंगा थाना क्षेत्र के नंद बाग में रहने वाले 14 वर्षीय बच्चे शैलेश ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली बता दे घटना के समय परिवार के सभी सदस्य को काम से घर के बाहर गए हुए थे वहीं खुद 14 वर्षीय बच्चा शैलेश थी कक्षा 5 वीं का छात्र है और सुबह 8:00 बजे पढ़ाई के लिए स्कूल गया था और उसके बाद 12:00 बजे स्कूल से लौटा और सीधे अपने कमरे में चले गया क्योंकि परिवार वाले किसी काम से बाहर गए हुए थे तो बच्चा घर पर अकेला था और इसी बात का फायदा उठाकर उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जब परिवार के सदस्य घर लौटे तो देखा कि वह फांसी के फंदे पर झूल रहा है इसके बाद पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई और पुलिस ने 14 वर्षीय बच्चे शैलेश को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर इलाज के लिए एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया लेकिन काफी देर हो जाने के कारण उसकी मौत हो गई वहीं पुलिस परिजनों के बयानों के आधार पर जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है वही बताया जा रहा है कि 14 वर्षीय बच्चा अपने माता-पिता से अलग अपने चाचा के वहा इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहा था वही उसके माता-पिता टीकमगढ़ में किसान है लेकिन बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए उसे अपने चाचा के वहां पर पढ़ने के लिए छोड़ा था , वहीं जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि बच्चा स्कूल से तकरीबन 12:00 लौटा और उसके बाद घर के सभी सदस्य किसी काम से घर के बाहर गए हुए थे अतः बच्चा पास में रहने वाले अपने अन्य दोस्तों के साथ घर में ही बने झूले में खेल रहा था इसी दौरान वहां पर जो बच्चे खेल रहे थे उन्होंने बच्चे को उल्टा झूला लगा दिया जिसके कारण बच्चे की गर्दन में फांसी का फंदा बन गया और उसकी मौत हो गई जैसे ही यह पूरा घटनाक्रम घटित हुआ उसके पास जो बच्चे वहां पर खेल रहे थे उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिजनों को दी इसके बाद मौके पर पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले में जानकारी दी गई फिलहाल पुलिस ने आसपास रहने वाले बच्चों के बयानों के बयानों के आधार पर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
