अपने सिलाई के काम को बढ़ाने के लिए पर्सनल लोन की तलाश में भटक रही महिला के साथ दो लोगों ने धोखाधड़ी कर डाली। उन्होंने पर्सनल लोन का कहकर कार फाइनेंस करवा दी। जब महिला के पास बैंक से नोटिस आया तब उसे धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उसने पुलिस को पूरे मामले की षिकायत दर्ज कर दोनो आरोपीयो को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, फिरोज गांधी नगर में रहने वाली मनीषा कपड़े सिलकर बेचने का काम करती हैं। उन्हें अपने काम को बढ़ाने के लिए पर्सनल लोन चाहिए था। नवंबर 2021 में उसकी विनोद यादव नामक शख्स से मुलाकात हुई और विनोद ने मनीषा को लोन दिलाने का वादा किया। इसके बाद एक दिन विनोद अपने साथ सुमित शर्मा को लेकर उसके घर पहुंचा और दस्तावेज ले लिए। इसके बाद दोनों उसे गीता भवन स्थित डेस्टन के शोरूम ले गए और कार के साथ मनीषा की फोटो खींची, इस पर जब उसने आपत्ति ली तो दोनों ने कहा लोन प्रोसेस का हवाला देते हुए बात टाल दी। इसके बाद विनोद और सुमित ने मनीषा को 40 हजार रूपए नकद देते हुए 20 हजार रूपए अकाउंट में जमा कर दिए। उन्होंने कहा 60 हजार का लोन स्वीकृत हुआ है और उसे 75 हजार रूपए लौटाने होंगे। इसके बाद मनीषा के अकाउंट से साढे़ सात हजार रूपए प्रतिमाह कटते रहे। इसी बीच कार के शोरूम से मनीषा के पास नोटिस आया जिसमें उसके नाम से फाइनेंस कार को रजिस्टर्ड नहीं करवाने की बात लिखी थी। इस पर मनीषा ने विनोद और सुमित को कॉल कर पूछा तो उन्होंने कहा कि कार फाइनेंस के बदले उन्होंने पर्सनल लोन करवाया है, वह मैनेज कर लेंगे। वह तीन माह तक उसे टालते रहे। शक होने पर मनीषा ने परदेशीपुरा थाने में शिकायत की।
