मध्य प्रदेश के लघु एवं सूक्ष्म मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा अपने एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे जहां रेसीडेंसी कोठी पर पत्रकारों से चर्चा की इस दौरान मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए,,
वीओ- दरअसल मध्यप्रदेश में आ रही कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि बड़ा अच्छा लगा यह सुनकर के कांग्रेस तैयारी से कोशिश कर रहे हैं कोशिश करते रहना चाहिए उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जाग जाते तो कांग्रेस की इतनी खराब परिस्थिति नहीं होती उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना ही कहूंगा कि जहां हंड्रेड परसेंट भारत पर कांग्रेस का राज था वहां आज 20 -25% से नीचे आ गए उनका डिग्रेशन तेजी से दिखाई दे रहा है और जनता की समझ में आ गया है कि कांग्रेस ने कुछ चीजें नही कि,, इसलिए इस तरह की स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री मध्य प्रदेश में 10 से 12 साल बाद आई है क्योंकि उस समय बिजली की व्यवस्था नहीं थे साथ ही सड़कों का जाल नहीं था और ना ही नर्मदा जल था उन्होंने कहा कि सन 78 से 2005 तक पानी के यूटिलाइजेशन रोकने की क्षमता की थी जनता अब जागरूक हो चुकी है सभी के पास डाटा उपलब्ध है स्वर्गीय सकलेचा जी ने 78 में नर्मदा पानी का बंटवारा किया गया था तब से लेकर 2006 तक 2% पानी का रोकने की क्षमता नहीं कर पाए इसको लेकर किसान समझता है। वही उन्होंने कहा कि दो कंपनियों का 8000 का टारगेट है लेकिन 32000 लोकल ने दिया है उन्होंने कहा कि जहां समग्र विकास नहीं होता है 1 अंग कम हो तो भी व्यक्ति विकलांग होता है या एक अंग ज्यादा मजबूत हो तो भी विकलांग कहलाता है तो प्रदेश सरकार संबंध समग्र विकास के की बात करते हैं मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में 40 जिलों में एक साथ काम कर रहे हैं यह केवल एमएसएमई का सेक्टर है जो वास्तव में रूलर और अर्बन का दबाव है उसको दबाव को रोकने में सक्षम है और यही मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है।
वही मंत्री ने रोजगार को लेकर कहां के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में 2लाख रोजगार का कमिटमेंट किया है और आगे का टारगेट भी प्रदेश सरकार ने बनाए हैं वह भी स्पष्ट तौर पर एमएसएमई इंडस्ट्री के माध्यम से मिनिमम 8 से 10 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध करेंगे, उन्होंने कहा कि एमएसएमई की जितनी भी इंडस्ट्रीज अभी तक आ रही है वह 70% इंडस्ट्री अपनी जमीन पर आ रही है सरकार से जितनी जमीन मिल पाएगी सरकार का यह लक्ष्य कि लोग अपनी ही जमीन पर सीधी इंडस्ट्रीज लगा पाए कोर सेक्टर में सबसे बड़ा टारगेट रेडीमेड फार्मास्यूटिकल इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर के सहित एग्रो प्रोसेस का टारगेट रखा गया है और इसको बड़े स्तर पर किया जाएगा।
