इंदौर के 100 किलोमीटर के दायरे में एनएचएआइ की छह एंबुलेंस, इंदौर से खलघाट के बीच 77 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस मार्ग पर वाहनों की दुर्घटना की घटना तेजी से बढ़ी है।इंदौर से महाराष्ट्र को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है। इंदौर से खलघाट के बीच 77 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्से में विगत एक साल में 536 सड़क दुघर्टनाएं हुई। इस आंकड़े से स्पष्ट है कि इस मार्ग पर हर दिन एक-दो हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद इस मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त लोगों की जान बचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास मात्र दो एंबुलेंस हैं। 493 मामलों में एनएचएआइ की एंबुलेंस से घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया गया। यह सिर्फ एक उदाहरण है।
इंदौर से खलघाट के बीच 77 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस मार्ग पर वाहनों की दुर्घटना की घटना तेजी से बढ़ी है। एनएचएआइ के पास दर्ज आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2021 से अक्टबूर 2022 तक 536 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें से 493 केस में एनएचएआइ की एंबुलेंस घायलों की मदद के लिए पहुंची। इंदौर-ब्यावरा मार्ग पर देवास से ब्यावरा के बीच 144 किलोमीटर में एनएचएआइ की तीन एंबुलेंस हैं। यहां नवंबर 2021 से अक्टूबर 2022 के बीच 220 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें से 142 केस में एनएचएआइ की एंबुलेंस मदद के लिए पहुंची।
टोल प्लाजा और थानों में तैनात रहती हैं एंबुलेंस
इंदौर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रमुख सड़कों पर दुर्घटना के दौरान घायलों को तत्काल उपचार व मदद पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास इंदौर से 100 किलोमीटर के दायरे में घायलों की मदद के लिए छह एंबुलेंस तैनात की गई है, जो टोल प्लाजा पर तैनात रहती हैं। इंदौर-खंडवा रोड पर निर्माण कार्य जारी होने के कारण सिमरोल व अन्य थानों पर एंबुलेंस तैनात की गई है। मप्र शासन ने हाईवे पर दुर्घटना के दौरान मदद के लिए 108 एंबुलेंस भी तैनात की है। हकीकत यह है एंबुलेंस भले ही तैनात कर दी गई हो, लेकिन कई बार ये समय पर नहीं पहुंच पाती हैं।
एक घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो बच सकती है जान – चिकित्सकों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद आधे से एक घंटे का गोल्डन अवर होता है। इस दौरान घायल को उपचार मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। ऐसे में हाईवे और प्रमुख मार्गों पर एंबुलेंस व चिकित्सकीय सेवाओं को बढ़ाने की जरूरत है। एनएचएआइ के पास उपलब्ध एंबुलेंस में भी स्ट्रेचर व बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं ही होती हैं। इनमें पैरामेडिकल स्टाफ भी होता है।
एनएचएआइ की एंबुलेंस –
इंदौर-देवास ब्यावरा मार्ग – रोजवास टोलप्लाजा, मांगलिया टोल प्लाजा पर दो एंबुलेंस
इंदौर-खलघाट मार्ग – खलघाट और सोनवाय टोल प्लाजा पर दो एंबुलेंस
इंदौर-गुजरात मार्ग – मेथवाड़ा टोल प्लाजा पर एक एंबुलेंस
इंदौर-खंडवा मार्ग – सिमरोल थाना पर एक एंबुलेंस
