अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने इंदौर क्राइम ब्रांच से किया संपर्क विदेशी नागरिकों से ठगी करने के मामले में 6 नवंबर 2020 में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर मौके से 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया था अमेरिकी सिटीजन को सिक्योरिटी कार्ड, ड्रग ट्रैफिकिंग मनी लॉन्ड्री एंटी नेशनल एक्टिविटीज केस में हाथ होने का आरोप लगाकर ठगने का काम करते थे। जहां डार्कनेट वेबसाइट के जरिए विदेशी नागरिकों का डाटा लिया गया था वीडियो कॉलिंग के जरिए गिरोह के सदस्य विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे ।
6 नवंबर 2020 के दौरान क्राइम ब्रांच पुलिस इंदौर लसूड़िया थाना इलाके में एक अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापा मार कार्यवाही की थी सूचना थी कि कई लोगों को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से डरा धमका कर ठगी का मामला संचालित किया जा रहा था जहां पर टीम द्वारा दबिश देने पर जानकारी प्राप्त हुई थी अमेरिकन सिटीजन को यह गिरोह अपना निशाना बनाता था इस पूरे मामले में क्राइम ब्रांच ने 23 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया था गिरोह द्वारा अमेरिकन सिटीजन के सिक्योरिटी कार्ड विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को ठगी का काम करते थे जहां ड्रग ट्रैफिकिंग मनी लॉन्ड्री एंटी नेशनल एक्टिविटीज केस में फंसाने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को फंसाते थे और रोजाना लाखों रुपए हड़प लेते थे कई अमेरिकन सिटीजंस द्वारा भारतीय एंबेसी में भी इसकी शिकायत की गई थी उसके बाद एफबीआई इस मामले को लेकर क्राइम ब्रांच से हुई चर्चा में अमेरिकन नागरिक को को लिस्ट और अन्य जानकारियां मांगी है वहीं आरोपियों के बारे में एफबीआई ने भी दस्तावेज मांगे गए हैं जहां अमेरिकी एफबीआई द्वारा वीडियो कॉल पर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी वहीं इस पूरे मामले में क्योंकि न्यायालय में अभी प्रकरण लंबित है इसको लेकर क्राइम ब्रांच को भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जरूरत है जिसको लेकर सीबीआई के माध्यम से एफबीआई ने क्राइम ब्रांच से चर्चा की है।
